13 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

LPG Cylinder: गैस किल्लत के बीच बड़ी खबर, जयपुर में 83 सिलेंडर जब्त, छापेमारी में बड़ा खुलासा

Jaipur LPG Cylinder : जयपुर शहर में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और अवैध रिफिलिंग, भण्डारण व कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर में 83 सिलेंडर जब्त: फोटो पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। जयपुर शहर में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और अवैध रिफिलिंग, भण्डारण व कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।

जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशन में जिला रसद अधिकारी जयपुर प्रथम प्रियव्रत सिंह चारण द्वारा जयपुर शहर में विशेष अभियान चलाते हुए 3 विशेष प्रवर्तन दलों का गठन किया गया।

पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 83 गैस सिलेंडर (घरेलू एवं व्यावसायिक) और एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। साथ ही प्रथम दृष्टया उर्मिल गैस एजेंसी, लालकोठी की संलिप्तता सामने आने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध संबंधित पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाने की कार्रवाई की जा रही है।

83 गैस सिलेंडर व एक पिकअप जब्त

जिला रसद अधिकारी चारण के नेतृत्व में विशेष प्रवर्तन दल ने एयरपोर्ट रोड, सांगानेर क्षेत्र में चील गाड़ी रेस्टोरेंट के पास दबिश दी। कार्रवाई के दौरान घरेलू गैस सिलेंडरों से व्यावसायिक सिलेण्डरों में अवैध रिफिलिंग कर कालाबाजारी किए जाने की पुष्टि हुई। मौके से 14 व्यावसायिक एवं 69 घरेलू गैस सिलेंडर और एक पिकअप वाहन जब्त किया गया। जांच के दौरान लगभग 15 घरेलू सिलेण्डरों में लगभग 2 किलोग्राम गैस कम पाई गई। मौके पर विधिक माप विज्ञान अधिकारी (एलएमओ) को बुलाकर जांच भी करवाई गई। इस अवैध गतिविधि में संलिप्त दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

प्रशासन ने की आमजन से अपील

उल्लेखनीय है कि जयपुर शहर में अवैध रिफिलिंग के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा “ऑपरेशन प्रवर्तन–सतर्क नागरिक, सुरक्षित शहर” अभियान पूर्व से ही संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध गैस रिफिलिंग, भण्डारण या कालाबाजारी की गतिविधि दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि आमजन की सुरक्षा और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।