
Photo AI
Rajasthan Industrial Policy: जयपुर. राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और उद्यमियों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई नीति के तहत असंतृप्त औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन को सरल और तेज बनाया गया है।
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इनवेस्टमेंट समिट के बाद राज्य में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ी है। ऐसे में रीको ने निवेशकों की मांग को ध्यान में रखते हुए फ्लेक्सिबल लैंड लीज और किराया नीति में संशोधन किया है, जिससे अब भूखण्ड आवंटन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और त्वरित हो गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार, जिन औद्योगिक क्षेत्रों में दो प्रयासों के बाद भी 25 प्रतिशत से अधिक भूखण्ड आवंटित नहीं हो पाए हैं, उन्हें अब फ्लेक्सिबल पॉलिसी के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। इससे पहले यह सीमा तीन प्रयासों के बाद मात्र 10 प्रतिशत तक सीमित थी, जिससे प्रक्रिया में देरी होती थी।
हालांकि, तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों को इस श्रेणी से बाहर रखा गया है। इस बदलाव से उन क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जहां अब तक पर्याप्त औद्योगिक गतिविधियां नहीं हो पाई थीं।
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि असंतृप्त क्षेत्रों में भूखण्डों का आवंटन प्रचलित दर के 60 प्रतिशत या आरक्षित दर (जो भी अधिक हो) पर किया जाएगा। साथ ही, भूखण्ड की लीज अवधि 33 वर्ष निर्धारित की गई है, जिससे उद्यमियों को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVCF), सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस एवं रक्षा तथा अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विशेष क्षेत्रों के लिए 10 वर्षों की आसान किस्त सुविधा भी दी जा रही है। आवंटन के बाद भूखण्ड के प्रीमियम का 10 प्रतिशत 30 दिनों में जमा करना होगा, जबकि शेष 90 प्रतिशत राशि 8.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 10 वर्षों में किस्तों के रूप में चुकाई जा सकेगी।
इन सुधारों से राज्य में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को नई गति मिलने की उम्मीद है। रीको की यह पहल न केवल निवेशकों को आकर्षित करेगी, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेगी।
Updated on:
30 Apr 2026 09:18 pm
Published on:
30 Apr 2026 09:12 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
