- जलदाय मंत्री ने विभाग के सचिव के साथ किया मौका निरीक्षण- मौके पर मेजरमेंट बुक और लेआउट प्लान तक नहीं मिला
जयपुर. प्रदेश में जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं में ठेकेदारों से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार के पाइप बिछाने वाले अभियंताओं पर गाज गिरना शुरू हो गई है। सोमवार को जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, विभाग के सचिव डॉ.समित शर्मा ने अभियंताओं की छह सदस्यीय टीम के साथ दौसा जिले की पेयजल परियोजनाओं का निरीक्षण किया।
दौसा की महुवा तहसील के पीपलखेड़ा गांव में निरीक्षण के दौरान कम गहराई पर पाइप लाइन बिछाई जा रही थी। मंत्री चौधरी ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से मेजरमेंट बुक और ले-आउट प्लान मांगा तो नहीं दिया गया। मिशन के तहत खोदे गए दो नलकूप बंद मिले और पेयजल परियोजनाओं की अभियंता मॉनिटरिंग नहीं कर रहे थे।
मिशन की परियोजनाओं में गंभीर अनियमिताएं मिलने पर मंत्री ने दोषी अभियंताओं को निलंबित करने के आदेश अधिकारियों को दिए। शाम को विभाग ने महुवा के तत्कालीन अधिशासी अभियंता सिद्धार्थ मीणा, महुवा अधिशासी अभियंता हेमंत मीणा, सहायक अभियंता नानकराम बैरवा, मंडावर कनिष्ठ अभियंता धारासिंह मीणा और महाराज सिंह गुर्जर को निलंबत करने के आदेश जारी कर दिए गए।
जलदाय विभाग के सूत्रों की माने तो कांग्रेस सरकार के समय जल जीवन मिशन की पेयजल परियोजनाओं में भ्रष्टाचार करने वाले 50 से ज्यादा इंजीनियर जलदाय सचिव डॉ समित शर्मा के निशाने पर हैं। इंजीनियरों के घोटालों की कुंडली खंगाली जा रही है और इन इंजीनियरों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। आगामी दिनों में एक मुख्य अभियंता और 20 से ज्यादा इंजीनियरों पर गाज गिर सकती है।