जयपुर

Jal Jeevan Mission: गिरफ्तारी के बाद 4 दिन ED रिमांड पर महेश जोशी, JJM में ऐसे हुआ 980 करोड़ का घोटाला

Jal Jeevan Mission Scam:कोर्ट ने पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को चार दिन के रिमांड पर ईडी को सौंप दिया। 28 अप्रेल को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। ऐसे समझें घोटाले को...
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Updated: 25 Apr 2025, 7:09 AM IST
Mahesh-Joshi

Mahesh Joshi: जयपुर। जल जीवन मिशन (जेजेएम) से जुड़े 980 करोड़ रुपए की अनियमतता के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी को लम्बी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) विशेष न्यायालय के जज सुनील रणवाह ने जोशी को चार दिन के रिमांड पर ईडी को सौंप दिया। 28 अप्रेल को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान जोशी को घर का खाना खाने व दवाइयां लेने की अनुमति होगी और अधिक तबियत खराब होने पर एक दिन एक घंटे के लिए पत्नी से मिलने भी जा सकेंगे।

जोशी को गुरुवार रात धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) विशेष न्यायालय के जज सुनील रणवाह जयपुर में गांधीनगर स्थित निवास पर पेश किया गया। ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक अजातशत्रु ने कोर्ट से कहा कि जोशी एक साल से पेश नहीं हो रहे और दस्तावेजों का भी परीक्षण किया जाना है, ऐसे में सात दिन के रिमांड पर दिया जाए।

जोशी की ओर से अधिवक्ता दीपक चौहान ने सात दिन के रिमांड का विरोध किया। हम ईडी को पूरा सहयोग कर रहे हैं और आज भी पत्नी कौमा में होने के बावजूद ईडी के बुलाने पर हाजिर हुए। प्रार्थना पत्र पेश कर कहा कि 71 वर्षीय जोशी मधुमेह रोगी हैं और उनकी कमर में दर्द रहता है, इस कारण घर का खाना खाने और दवाइयां जारी रखने की अनुमति दी जाए। इसके अलावा पत्नी की स्थिति गंभीर है, उनसे मिलने की अनुमति दी जाए।

इससे पहले जोशी दोपहर एक बजे अपने सहयोगी के साथ ईडी के समक्ष पेश हुए थे। ईडी सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान उनसे जल जीवन मिशन में टेंडर प्रक्रिया, फंड के वितरण और संभावित भष्टाचार से जुड़े सवाल किए। जिनका वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। ईडी की ओर से जब भी पूर्व मंत्री महेश जोशी को कई बार नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। लेकिन हर बार व्यक्तिगत कारण बताते हुए पूछताछ से बचते रहे।

पीएमएलए कोर्ट का आदेश

ईडी जोशी को 28 अप्रेल को दोपहर एक बजे कोर्ट में पेश करे। कोर्ट ने जोशी को 28 अप्रेल तक ईडी को रिमांड पर सौंप दिया। इस दौरान घर का खाना खाने व दवाइयां जारी रखने की अनुमति होगी। पत्नी की तबियत अधिक खराब होने पर एक दिन एक घंटे के लिए मिलने जा सकेंगे।

ऐसे समझें घोटाले को…

-अगस्त 2021 में एसीबी ने सबसे पहले जेजेएम घोटाले की पहली परत खोली थी।
-जेजेएम घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी और अन्य 22 लोगों के खिलाफ एसीबी ने एफआइआर दर्ज की।
-गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल नाम की कंपनियों ने फर्जी अनुभव प्रमाणपत्रों के माध्यम से करोड़ों के ठेके दिए।
-महेश जोशी के करीबी संजय बड़ाया को ईडी ने गिरफ्तार किया, जिसे जमानत पर रिहा किया जा चुका।
-जोशी के वित्तीय सलाहकार सुशील शर्मा पर भी मुख्य भूमिका निभाने का आरोप।
-मुख्य अभियंता आरके मीना पर भी ठेकों में अनियमितता और नियमों के उल्लंघन का आरोप।
-अगस्त 2023 में एसीबी को पता चला कि कुछ ठेकेदार, दलाल और अफसर लाखों रुपए का लेन-देन कर रहे हैं।
-सिंधी कैंप के पास एक होटल में 7 अगस्त 2023 को पीएचईडी के इंजीनियर मायालाल सैनी और प्रदीप के साथ ठेकेदार पदम चंद जैन और एक कंपनी के सुपरवाइजर मलकेत सिंह को 2.90 लाख रुपए की रिश्वत लेते देते गिरफ्तार किया।
-ईडी इससे पहले ठेकेदार पदमचंद जैन, पीयूष जैन, महेश मित्तल और संजय बड़ाया को गिरफ्तार कर चुकी है। इन सभी को कोर्ट से जमानत पर रिहा किया जा चुका।

Updated on:
25 Apr 2025, 7:09 AM IST
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