
Jal Jeevan Mission: जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश जोशी को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। कांग्रेसी नेता महेश जोशी आज दोपहर को ईडी मुख्यालय पहुंचे थे। इससे पहले उन्हें कई बार नोटिस दिया जा चुका है।
दोपहर करीब एक बजे महेश जोशी एक निजी सहायक के साथ ईडी मुख्यालय गए। ईडी के अधिकारियों ने उनसे घोटाले से जुड़े मामले में पूछताछ की। यह गिरफ्तारी बहुचर्चित 'जल जीवन मिशन' घोटाले से जुड़ी है, जिसमें करोड़ों रुपए के गबन का आरोप है। जोशी पर आरोप हैं कि उनके कार्यकाल में जल परियोजनाओं में भारी भ्रष्टाचार हुआ, फर्जी टेंडर पास किए गए और बिचौलियों को फायदा पहुंचाया गया। ED की टीम ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं और पूछताछ की है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है और विपक्ष ने मोर्चा खोल दिया है।
वहीं पूर्व मंत्री महेश जोशी ने कहा कि मेरी पत्नी की हालत गंभीर है। मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मैंने कोई अनियमितता नहीं की है, मैंने किसी से पैसे नहीं लिए हैं। जिन लोगों के खिलाफ मैंने कार्रवाई की है, उनके बयानों के आधार पर मेरे खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मुझे कानून पर पूरा भरोसा है और मुझे पूरा भरोसा है कि न्याय मिलेगा।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि भाजपा का एक्सटॉर्शन डिपार्टमेंट बन चुके ED की ओर से पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय पर की गई है, जब उनकी पत्नी करीब 15 दिन से जयपुर के एक अस्पताल में बेहोशी की हालत में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं। उनकी इच्छा थी कि इस मुश्किल परिस्थिति से निकलने के बाद ED को बयान दें। यह उन्हें भावनात्मक रूप से तोड़ने का प्रयास है, जिससे उनसे मनमुताबिक बयान लिए जा सकें।
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बता दें कि जल जीवन मिशन में घोटाले का मामला गहलोत सरकार के समय किरोड़ी लाल मीणा ने उठाया था। मीणा अशोक नगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने गए थे। जहां पर मुकदमा दर्ज नहीं होने पर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे। दो दिन बाद 22 जून 2023 को उन्हें पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन इसके बाद भी किरोड़ीलाल इस घोटाले के मामले में विरोध जाहिर करते रहे। उल्लेखनीय है कि यह मामला सामने आने के बाद अगस्त 2023 में एसीबी ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था और सितंबर 2023 में एफआईआर दर्ज हुई। बाद में मई 2024 में केंद्र की अनुमति के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज किया और अक्टूबर 2024 में एसीबी ने महेश जोशी समेत 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
Updated on:
24 Apr 2025, 9:14 PM IST
Published on:
24 Apr 2025, 7:40 PM IST
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