
राजस्थान की राजधानी जयपुर आज 'नारी शक्ति वंदन' और 'जन आक्रोश' के नारों से गूंज उठी। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित 'जन आक्रोश महिला सम्मेलन' और उसके बाद प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस दफ्तर तक निकली विशाल पदयात्रा ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस मंच से कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें 'महिला विरोधी' और 'परिवारवादी' करार दिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिन्होंने देश पर सबसे लंबे समय तक शासन किया, उन्होंने महिलाओं को केवल एक 'वोट बैंक' समझा।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में विश्वास जताया कि 'विकसित भारत' का सपना बिना महिलाओं को आगे बढ़ाए पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने 17 अप्रैल की तारीख का जिक्र करते हुए विपक्ष को चेतावनी दी कि उन्हें अपने किए पर पछताना होगा। "मोदी है तो मुमकिन है" के नारों के बीच सीएम ने दोहराया कि भाजपा सरकार हर बहन-बेटी को उसका मान-सम्मान दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पदयात्रा के दौरान कांग्रेस पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार देने की बात आई, तो कांग्रेस ने इसमें अड़ंगे लगाए।
सम्मेलन के बाद हजारों की संख्या में महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर मार्च निकाला। यह पदयात्रा भाजपा प्रदेश कार्यालय से शुरू होकर कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय तक पहुंची। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद महिलाओं का उत्साह चरम पर था। भाजपा की इस रणनीति को सीधे तौर पर महिला मतदाताओं को गोलबंद करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।