Rajasthan News : नई सरकार बनने के बाद जेडीए से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हटा दिया था। उसके बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई और आचार संहिता हटते ही जेडीए ने सेवानिवृत्त कार्मिकों के लिए फिर से द्वार खोल दिए।
Rajasthan News : नई सरकार बनने के बाद जेडीए से सेवानिवृत्त कर्मचारियों को हटा दिया था। उसके बाद लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लग गई और आचार संहिता हटते ही जेडीए ने सेवानिवृत्त कार्मिकों के लिए फिर से द्वार खोल दिए। जबकि, कई मामलों में संविदा पर लगे कार्मिकों की संदिग्ध भूमिका सामने आई थी। शनिवार को एक विज्ञप्ति जारी कर सेवानिवृत्त कार्मिकों को संविदा पर नौकरी के लिए जेडीए में बुलाया है। इसमें सहायक नगर नियोजक, तहसीलदार और नायब तहसीलदार, कनिष्ठ लेखाकार और कनिष्ठ सहायकों की भर्ती की जाएगी। आने वाले दिनो में ये कार्मिक जेडीए को संभालते नजर आएंगे। हालांकि, अब तक जेडीए यह तय नहीं कर पाया है कि कितने सेवानिवृत्त कार्मिकों की भर्ती होगी।
शर्तों में ये
-ऐसे सेवानिवृत्त कार्मिक, जिनकी आयु 64 वर्ष से कम हो।
-पूर्व में प्राधिकरण में सेवाएं दे चुके हैं, उन कार्मिकों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
-सेवाकाल के दौरान कोई आपराधिक और अनुशासनिक कार्यवाही विचाराधीन न हो।
जनता का ये हुआ नुकसान
जनवरी में जेडीए ने आदेश जारी कर सेवानिवृत्त कार्मिकों को हटा दिया। हर जोन में इन कर्मिकों की संख्या अच्छी खासी थी। ऐसे में जेडीए का काम ठप हो गया और पिछले चार माह से काम भी गति नहीं पकड़ पा रहा है। अब जेडीए फिर से सेवानिवृत्त कार्मिकों की भर्ती करने की तैयारी कर काम को गति देने की कोशिश में है।
650 कार्मिकों के भरोसे चल रहा जेडीए
जेडीए में स्थायी भर्ती की कवायद पिछले ढाई वर्ष से चल रही है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है। अभी स्थिति यह है कि जेडीए सेवा और प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत करीब 650 अधिकारियों और कार्मिकों से ही जेडीए चल रहा है। जबकि, जेडीए में करीब 1922 पद स्वीकृत हैं।
कहां कितने पद हैं खाली
शाखा - स्वीकृत -खाली
प्रशासनिक - 1000 - 762
अभियांत्रिकी- 461 - 218
नगर नियोजन - 86 - 52
वित्त शाखा - 111- 51
विधि शाखा - 45 - 28
कनिष्ठ विधि अधिकारी - 28- 19
इसी तरह उद्यानिकी शाखा, प्रवर्तन शाखा, सूचना प्रौद्योगिकी सहित अन्य शाखाओं में कार्मिकों का टोटा है।
भर्ती प्रक्रिया जल्द हो पूरी
कैडर स्ट्रेंथ की फाइल कई माह से एक से दूसरे विभाग में घूम रही है। भर्ती प्रक्रिया की फाइल तेजी से चलनी चाहिए। नई भर्ती होगी तो काम जल्दी होंगे। सेवानिवृत्त कार्मिकों को वापस लेने का फैसला ठीक नहीं है।
-बाबूलाल मीणा, अध्यक्ष, जेडीए कर्मचारी एवं अधिकारी परिषद