जयपुर

JDA New Policy: जेडीए की नई पहल, अब रिक्त भूखंड और स्थान मिलेंगे किराए पर

JDA Jaipur News: सरकार का मानना है कि शहर में मौजूद खाली भूखंडों और सार्वजनिक स्थानों का व्यवस्थित उपयोग कर सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है।
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Updated: 6 Mar 2026, 9:27 PM IST
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Urban Planning Rajasthan: जयपुर. शहर में उपलब्ध सार्वजनिक परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने एक नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत अब प्राधिकरण की विभिन्न रिक्त संपत्तियों और भूखंडों को अल्पावधि किराए पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को जेडीए द्वारा किराया दरें और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

यह पहल राज्य सरकार के शहरी विकास के विजन के तहत की गई है। सरकार का मानना है कि शहर में मौजूद खाली भूखंडों और सार्वजनिक स्थानों का व्यवस्थित उपयोग कर सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सकता है। इस व्यवस्था के लागू होने से शहरवासियों को विभिन्न आयोजनों के लिए उपयुक्त स्थान आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

अस्थायी पार्किंग और नर्सरी जैसी गतिविधियों की अनुमति

जेडीए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इन स्थानों का उपयोग व्यवसायिक और गैर-व्यवसायिक दोनों प्रकार की गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा। व्यवसायिक गतिविधियों के अंतर्गत साइट ऑफिस, मेंटेनेंस स्टोरेज, प्रदर्शनी, कार वॉशिंग, स्टोन एवं मार्बल विक्रय, गेम जोन और सर्कस जैसी गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। वहीं गैर-व्यवसायिक उपयोग के लिए सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रम, सामूहिक विवाह, शैक्षणिक संस्थानों के आयोजन, सरकारी और अर्द्ध-सरकारी संस्थाओं की गतिविधियां, अस्थायी पार्किंग और नर्सरी जैसी गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी।

उपयोग के लिए किराया दरें भी निर्धारित

प्राधिकरण ने अल्प अवधि के उपयोग के लिए किराया दरें भी निर्धारित की हैं। इसके अनुसार 1 से 3 दिन के लिए आरक्षित दर का 14 प्रतिशत, 4 से 7 दिन के लिए 13 प्रतिशत और 8 से 90 दिन तक के लिए 12 प्रतिशत वार्षिक के आधार पर दैनिक किराया लिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत एक बार में अधिकतम 90 दिनों तक स्थान आवंटित किया जा सकेगा, जिसे आवश्यकता होने पर आगे नवीनीकृत भी किया जा सकेगा।

जेडीए सचिव निशांत जैन ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शहर में उपलब्ध सार्वजनिक संपत्तियों का अधिकतम और व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देशानुसार लागू इस व्यवस्था से शहर में सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यावसायिक गतिविधियों को नया मंच मिलेगा।

पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया

इस सुविधा के लिए राजस्थान का कोई भी निवासी, पंजीकृत संस्था, समाज या व्यावसायिक इकाई आवेदन कर सकती है। आवेदन के साथ पैन कार्ड और आधार कार्ड की प्रति देना अनिवार्य होगा तथा 500 रुपये का नॉन-रिफंडेबल आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। साथ ही बुकिंग स्वीकृत होने पर आवेदक को निर्धारित किराया एकमुश्त जमा कराना होगा और कुल राशि का 10 प्रतिशत धरोहर राशि के रूप में जमा करना होगा।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आवंटित भूमि का उपयोग केवल अस्थायी गतिविधियों के लिए किया जाएगा और किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस तुरंत निरस्त किया जा सकेगा।

Updated on:
6 Mar 2026, 9:27 PM IST
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