जयपुर

निम्स के बाद अब नींदड़ में रहेगा JDA का जोर, पुलिस जाप्ता के साथ नींदड़ में शुरू होगा निर्माण कार्य

निम्स यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग्स हटाने के बाद अब जयपुर विकास प्राधिकरण नींदड़ आवासीय योजना पर फोकस करेगा।
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Updated: 22 Nov 2017, 12:24 PM IST
After removing the buildings of NIMS University JDA will start construction in Ninder

रामगढ़ बांध के बहाव क्षेत्र में आने वाली निम्स यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग्स हटाने के बाद अब जयपुर विकास प्राधिकरण नींदड़ आवासीय योजना पर फोकस करेगा। गौरतलब है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 8125 वर्गमीटर सरकारी भूमि पर अवैध तरीके से इमारतों का निर्माण कर रखा था। इसमें हॉस्टल की चार इमारतें शामिल हैं। निम्स हॉस्टल की 4 बड़ी ईमारतों को ब्लास्ट करके हटाने के बाद अब जेडीए आज नींदड़ में सड़क बनाने की कार्रवाई करेगा।

जेडीए प्रशासन का कहना है कि नींदड़ आवासीय योजना में सरकारी भूमि और मंदिर माफी की जमीन पर सड़क बनाने सहित अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे। इसके लिए जेडीए की टीम आज से काम शुरू करेगी। निम्स यूनिवर्सिटी के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नींदड़ में जेडीए का काम थम गया था। अब निम्स के अतिक्रमण हटा दिए गए हैं और वहां पर मलबा हटाने का काम चल रहा है। जेडीए की जो टीम निम्स में लगी थी, अब वो नींदड़ में कार्रवाई करेगी। किसानों के संभावित विरोध को देखते जेडीए टीम के साथ पुलिस जाप्ता भी जाएगा। आपको बता दें कि किसान जेडीए पर समझौते से मुकरने का आरोप लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने उनका आंदोलन खत्म करवाने के लिए समझौता किया, लेकिन अब उसी समझौते को खारिज करने की कोशिश हो रही है। जेडीए बिना किसानों की सहमति के ही पुलिस बल के साथ सड़क बनाने के लिए पहुंच गया। जबकि मंदिर माफी की जमीन पर मालिकाना हक को लेकर विवाद था।

निम्स में मलबा बना परेशानी -

जेडीए ने निम्स यूनिवर्सिटी की 4 हॉस्टल्स की ईमारतों को तोड़ दिया है। इन बहुमंजिला ईमारतों को तोड़ने के बाद बड़ी मात्रा में मलबा निकला है। जेडीए को यह मलबा हटाकर रामगढ़ बांध का बहाव क्षेत्र खोलना है। लेकिन निम्स यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मलबे पर अपना हक जता दिया है। निम्स का कहना है कि मलबा यूनिवर्सिटी की संपत्ति है, उसे जेडीए नहीं ले जा सकता है। निम्स की आपत्ति के बाद जेडीए ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को मलबा हटाने के लिए 7 दिन की मोहलत दे दी है। इस अवधि में यदि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मलबा नहीं हटाया तो जेडीए इसे हटा देगा।

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