कभी माल ढोने वाली गाडिय़ों को भरते तो कभी जूतों की मरम्मत की दुकान पर काम किया करते। इस महान खिलाड़ी का रिकॉर्ड लंबे समय बाद 1984 में अमरीका के कार्ल लेविस ने तोड़ा था।
इनका जन्म 1913 में अमरीका के अलबामा में हुआ था। परिवार के हालात अच्छे नहीं थे। जैसे-तैसे घर खर्च चलता था। 10 भाई-बहिनों में ये सबसे छोटे थे। जब ये नौ साल के हुए तो बेहतर अवसरों के लिए परिवार ओहियो राज्य चला गया। यहां शिक्षकों ने जब उनसे नाम पूछा तो इनका उच्चारण सही नहीं था इसलिए वजह से टीचर ने इनका नाम जेसी समझ लिया और ये आगे चलकर इसी नाम से जाने गए। अब युवा अवस्था में प्रवेश किया तो खाली समय में अलग-अलग नौकरियां करते थे, ताकि परिवार के खर्चो में मदद की जा सके। कभी माल ढोने वाली गाडिय़ों को भरते तो कभी जूतों की मरम्मत की दुकान पर काम किया करते। इसी दौरान पिता और भाई को एक स्टील मील में काम मिल गया। अब इन्हें कुछ राहत महसूस हुई। इसी बीच इन्होंने महसूस किया कि दौडऩा इनकी रुचि है।
ओलंपिक में जीता गोल्ड
1936 में जर्मनी के बर्लिन में आयोजित 11वें ओलंपिक में इन्होंने एथलिस्ट के रूप में दौडऩा प्रारंभ किया था। इस ओलंपिक में अमरीका के लिए चार स्वर्ण पदक जीते। इतना ही नहीं इन्होंने 100 मीटर डैश 10.3 सेकंड में पूरा करके ओलंपिक रिकॉर्ड की बराबरी की। साथ ही रनिंग ब्रॉड जंप 26 फीट, 5 इंच की छलांग से जीतकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। उस वर्ष ये अमरीका की 400 मीटर रिले टीम के सदस्य भी थे, जिसने ओलंपिक में 39.8 सेकंड का नया वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया। 1936 के बाद ही इन्होंने एथलेटिक कॅरियर से संन्यास ले लिया था। अफ्रीकी अमरीकी नागरिक होने के कारण इन्हें नस्लवाद का सामना भी करना पड़ा था। बाद में इन्होंने 1943 में फोर्ड मोटर कंपनी में काम करना शुरू किया। वर्ष 1946 में इन्होंने खुद की पीआर कंपनी शुरू की। 1951 में इलिनॉय एथलेटिक कमीशन के सचिव नियुक्त हुए। इसी साल स्पोट्र्स का ब्रांड एंबेस्टर भी बनाया गया। 1955 में इन्हें इलिनॉय यूथ कमीशन में नियुक्त किया गया। ये महान खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि जेस्सी ओवेंस ही थे। जेस्सी के रिकॉर्ड लंबे समय बाद 1984 में अमरीका के कार्ल लेविस ने तोड़ा था। कैंसर के कारण 1980 में इनका निधन हो गया था।