Malviya Nagar Harassment Case: डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं और पल-पल की अपटेड ले रही हैं।
Jaipur Crime News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के सबसे पॉश इलाके मालवीय नगर में एक गर्भवती महिला के साथ सरेराह अश्लीलता करने वाले मुख्य आरोपी राहुल गुर्जर का 'शतरंज' वाला खेल अब उसी पर भारी पड़ने वाला है। जयपुर पुलिस की मार और गिरफ्तारी के खौफ से बचने के लिए आरोपी ने मध्य प्रदेश की एक अदालत में पुराने मामले में सरेंडर कर खुद को सुरक्षित करने की कोशिश की है, लेकिन जयपुर पुलिस ने अब उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की पूरी तैयारी कर ली है। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा खुद इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रही हैं और पल-पल की अपटेड ले रही हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल गुर्जर मध्य प्रदेश के ग्वालियर (बिजौली) का रहने वाला है और वहां का वांटेड बदमाश व हिस्ट्रीशीटर (HS) है। उसे पता था कि जयपुर पुलिस की टीमें (DST ईस्ट और जवाहर सर्किल थाना) उसका साये की तरह पीछा कर रही हैं। जयपुर पुलिस की सख्ती और एनकाउंटर के डर से उसने एक सोची-समझी साजिश रची। वह जानता था कि अगर वह एमपी की कोर्ट में किसी पुराने मामले में सरेंडर कर जेल चला जाता है, तो तकनीकी रूप से जयपुर पुलिस उसे तुरंत गिरफ्तार नहीं कर पाएगी। इसी 'सेफ पैसेज' के लिए उसने बुधवार शाम मुरैना कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि उस पर पहले ही 33 केस दर्ज हैं। इनमें से अधिकतर लूटपाट, मारपीट और छेडछाड़ के ही हैं। वह एक आदतन अपराधी है।
डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के सुपरविजन में पुलिस की विशेष टीमों ने आरोपी को पकड़ने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। आरोपी जयपुर से भागकर बारां, धौलपुर, चित्तौड़गढ़ और फिर भिंड-मुरैना के बीहड़ों में जा छिपा था। पुलिस का घेरा इतना सख्त हो चुका था कि आरोपी के पास भागने का कोई रास्ता नहीं बचा, जिसके बाद उसने गुपचुप तरीके से वकील के जरिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
यह पूरा मामला रविवार का है, जब मालवीय नगर जैसे व्यस्त इलाके में आरोपी ने एक गर्भवती महिला के साथ पीछे से पकड़कर अश्लील हरकत की थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जनता का गुस्सा फूट पड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी न केवल मनचला है, बल्कि उस पर लूट, डकैती और मारपीट के कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं।
मामले में शुरुआती लापरवाही बरतने वाले जवाहर सर्किल थाने के एएसआई महेश चंद्र और हेड कांस्टेबल अंगदराम मीणा को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। इन पर आरोप था कि इन्होंने आरोपी को पकड़ने के बाद भी ढिलाई बरती और उसे जाने दिया। अब जयपुर पुलिस उसे जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर जयपुर लाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कानून से बचने के लिए जो खेल रचा है, उसे कोर्ट में बेनकाब किया जाएगा और गर्भवती महिला के साथ की गई इस दरिंदगी के लिए उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलवाई जाएगी।