
Jaipur Devotee Death: कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे जयपुर के 63 साल के श्रद्धालु गौरीशंकर खंडेलवाल की उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के नाभीढांग में हार्ट अटैक से मौत हो गई। वे कैलाश यात्रा के दूसरे दल में शामिल थे। मंगलवार सुबह दल के भारत लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी, जिसके बाद सेना के मेडिकल सेंटर ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार गौरीशंकर जयपुर में विद्याधर नगर में रहते थे और वह अपने घर से 4 जुलाई को कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए थे। परिवार को उम्मीद थी कि वे 27 जुलाई को यात्रा पूरी कर वापस लौटेंगे, लेकिन इससे पहले ही यह दुखद खबर आ गई। यात्रा के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही परिजन हल्द्वानी के लिए रवाना हो गए। उनका शव गुंजी से हेलीकॉप्टर के जरिए पिथौरागढ़ लाया गया है।
धारचूला के एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा का दूसरा दल मंगलवार सुबह करीब 8:45 बजे लिपुलेख दर्रे से भारत पहुंचा था। इसी दौरान दल में शामिल जयपुर के गौरीशंकर खंडेलवाल को अचानक सांस लेने में परेशानी होने लगी। उन्हें तुरंत नाभीढांग में मौजूद सेना के मेडिकल सेंटर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर उनकी मौत की वजह हार्ट अटैक बताई जा रही है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के दूसरे दल में दो दिन के अंदर यह दूसरी मौत है। इससे पहले कुमाऊं मंडल विकास निगम के कुक जीवन राम की चीन के गुंफू में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अल्मोड़ा के छाना खोरकोटा के रहने वाले जीवन राम यात्रा दल के साथ कुक के तौर पर गए थे। चीन प्रशासन के अनुसार, वहां ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण उन्हें दिल का दौरा पड़ा था।
कैलाश मानसरोवर यात्रा के तहत अब तक दो दल चीन से वापस भारत लौट चुके हैं। तीसरा दल अभी चीन में है, जबकि चौथा दल तिब्बत के लिए रवाना हो चुका है। वहीं, पांचवें दल को तवाघाट में रोक दिया गया है। रास्ते में बोल्डर गिरने के कारण सड़क बंद हो गई है। सड़क बहाल होने के बाद ही इस दल को आगे भेजा जाएगा।
कैलाश मानसरोवर यात्रा काफी ऊंचाई वाले इलाकों से होकर गुजरती है। मानसरोवर झील की ऊंचाई समुद्र तल से 15 हजार फीट से ज्यादा है। इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है, जिससे यात्रियों को सांस लेने, थकान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कई बार यही स्थिति गंभीर होकर हार्ट अटैक जैसी घटनाओं का कारण बन जाती है।