
अल्पसंख्यक वर्ग की 23 मेधावी बेटियों को मिलेगा सम्मान, कला वर्ग की छात्राओं का दबदबा
दौसा. प्रदेश की मेधावी अल्पसंख्यक छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने वाली कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना 2025-26 की अंतिम वरीयता सूची जारी होने के साथ ही जिले की बेटियों के लिए खुशखबरी आई है। सूची में दौसा जिले की 23 छात्राओं का चयन हुआ है। सबसे खास बात यह रही कि चयनित छात्राओं में कला संकाय की छात्राओं का दबदबा रहा, जबकि सरकारी और निजी विद्यालयों से पढ़कर आगे बढ़ीं बेटियों ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
जारी राज्य स्तरीय सूची के तुलनात्मक अध्ययन में अलवर जिला सर्वाधिक लाभान्वित जिलों में शामिल है, जहां पात्र छात्राओं की संख्या सबसे अधिक दिखाई देती है। दूसरी ओर बालोतरा जैसे जिले में चयनित छात्राओं की संख्या सबसे कम है। दौसा का स्थान इन दोनों के बीच है और जिले से 23 छात्राओं का चयन उल्लेखनीय माना जा रहा है।
शिक्षाविदों का मानना है कि स्कूटी योजना से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा मिलेगी। इससे न केवल उच्च शिक्षा में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को भी पढ़ाई जारी रखने का संबल मिलेगा।
चयनित छात्राएं अब राज्य सरकार की ओर से स्कूटी प्राप्त कर उच्च शिक्षा की राह को और आसान बनाएंगी। जिले से चयनित छात्राएं दौसा, लालसोट, महुवा और तालचिड़ी सहित विभिन्न सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों में अध्ययनरत हैं। इनमें राजकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने भी उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।
राज्य स्तरीय सूची के अध्ययन से सामने आया कि स्कूटी योजना में दौसा ने सीमित आबादी के बावजूद उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई। दौसा जिले में महुवा, लालसोट और दौसा के सरकारी एवं निजी महाविद्यालयों की छात्राएं प्रमुख हैं। चयनित छात्राओं में मुस्कान बानो, सलमा बानो, तमन्ना बानो, नजराना बानो, आशू खान, खिजर जहां, अल्फिया बानो, रायाना खान, तस्बीहा अंजुम और फिजा बानो सहित अन्य छात्राएं शामिल हैं।
यह योजना केवल स्कूटी वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण और अल्पसंख्यक वर्ग की मेधावी बेटियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। दौसा से 23 छात्राओं का चयन इस बात का संकेत है कि जिले की बेटियां अब उच्च शिक्षा की दौड़ में लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
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ऐसे मिलता है कालीबाई भील स्कूटी योजना का लाभ
योजना का लाभ राजस्थान की अल्पसंख्यक वर्ग की मेधावी छात्राओं को दिया जाता है।
छात्रा का राजस्थान का मूल निवासी होना तथा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करना आवश्यक है।
पात्र छात्रा को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता एवं मेरिट के आधार पर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेना होता है।
इस प्रकार होता है चयन...
ऑनलाइन आवेदन के बाद विभाग मेरिट सूची तैयार करता है।
मेरिट का निर्धारण बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांक, संकाय, बोर्ड तथा विद्यालय श्रेणी के अनुसार किया जाता है।
पात्र आवेदनों का दस्तावेज सत्यापन कर अंतिम वरीयता सूची जारी की जाती है।
अंतिम सूची में स्थान पाने वाली छात्राओं को राज्य सरकार की ओर से स्कूटी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि वे उच्च शिक्षा के लिए आवागमन आसानी से कर सकें।