जयपुर

कन्हैयालाल हत्याकांड के 4 साल: पूर्व CM अशोक गहलोत बोले- भाजपा की मंशा कभी न्याय दिलाने की थी ही नहीं

Kanhaiya Lal Murder Case: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कन्हैयालाल हत्याकांड को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि NIA जांच और स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला। गहलोत ने ट्रायल में देरी को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
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Jun 27, 2026
Kanhaiya Lal Murder Case Ashok Gehlot
पूर्व सीएम अशोक गहलोत (पत्रिका फोटो)

Kanhaiya Lal Murder Case 4 Years: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कन्हैयालाल मर्डर केस को लेकर बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के चार साल बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला है। गहलोत के अनुसार, बीजेपी ने केवल चुनावी फायदे के लिए इस संवेदनशील मामले का इस्तेमाल किया, लेकिन दोषियों को सजा दिलाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए।

गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उदयपुर के कन्हैयालाल जी की नृशंस हत्या को 4 वर्ष होने जा रहे हैं। लेकिन भाजपा की "डबल इंजन" सरकार में न्याय की उम्मीद आज भी अधूरी है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है क्योंकि अपराधी भाजपा के कार्यकर्ता थे।

जांच NIA के पास है, सुनवाई NIA की विशेष अदालत में चल रही है और केंद्र-राज्य दोनों जगह भाजपा सरकारें हैं। फिर भी 180 में से मात्र 21 लोगों की गवाही हो पाई है। चुनाव जीतने के लिए "5 लाख बनाम 50 लाख" का झूठ फैलाने वाली भाजपा की मंशा कभी न्याय दिलाने की थी ही नहीं।

राजनीतिक रोटियां सेकने के बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह राजस्थान आकर कन्हैयालाल जी का नाम तक नहीं लेते, सजा की बात तो छोड़िए। प्रदेशवासी भाजपा के इस असली चरित्र को पहचानें, जिसने केवल आपकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।

क्या था कन्हैयालाल हत्याकांड?

  • यह दुखद घटना 28 जून 2022 को उदयपुर में हुई थी, जहां दर्जी कन्हैयालाल की उनके ही दुकान में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
  • कन्हैया लाल ने बीजेपी की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के एक विवादित बयान का सोशल मीडिया पर समर्थन किया था।
  • हत्यारों ने इस खौफनाक जुर्म का वीडियो बनाकर ऑनलाइन शेयर कर दिया था, जिससे पूरे देश में गुस्सा फैल गया और राजस्थान में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो गया।
  • घटना के वक्त राज्य में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी को सौंप दी गई थी।
Published on:
27 Jun 2026 05:34 pm