
दावणगेरे. ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने और जनप्रतिनिधियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए पंचायत सीख केंद्र स्थापित करने के मामले में कर्नाटक देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। लोकसभा में मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक जानकारी के अनुसार, केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय की संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के तहत कर्नाटक के लिए मंजूर किए गए 270 पंचायत सीख केंद्रों में से 234 केंद्र विकसित कर संचालित किए जा चुके हैं। पंचायत सीख केंद्रों की स्थापना और संचालन में देश के किसी अन्य राज्य ने इतनी प्रगति नहीं की है। इस वजह से कर्नाटक की उपलब्धि को विशेष माना गया है। राज्य में प्रशिक्षण नेटवर्क का विस्तार कर ग्राम स्तर से जिला स्तर तक निरंतर सीखने का वातावरण तैयार किया गया है। पिछले चार वर्षों (2022-26) में 11.82 लाख से अधिक ग्राम पंचायत सदस्यों, महिला जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों को प्रशासन, डिजिटल तकनीक तथा वित्तीय प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया।
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प्रशिक्षण व्यवस्था के लिए एक राज्य पंचायत संसाधन केंद्र, 30 जिला पंचायत संसाधन केंद्र और 216 तालुक स्तर के संसाधन केंद्र सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, आनंद स्थित प्रसिद्ध इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल मैनेजमेंट द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि पंचायत सीख केंद्रों के विकास और प्रभावी संचालन से पंचायत विकास योजनाओं को तैयार करने, पंचायतों के अपने राजस्व स्रोत बढ़ाने और स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिली है।