जैसा कि माना जा रहा था कि 10 मई के बाद दो सप्ताह तक देश की राजनीति के केंद्र में राजस्थान बना रहेगा वैसा ही देखने का मिल रहा है। 13 मई से शुरू हुए कांग्रेस चिंतन शिविर के चलते कांग्रेस के नेताओं की बयानवाजी और चिंतन तो चल ही रहा है, विपक्ष के नेताओं की भारी सक्रियता देखने को मिल रही है। विशेषकर भाजपा के राज्यसभी सांसद किरोड़ी लाल मीणा 12 मई की शाम से ही चर्चा में बने हुए हैं।
जयपुर। राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा और पुलिस के बीच आंख मिचौली का खेल शुक्रवार को भी जारी रहा। मीणा ने प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए और घोषणा कर डाली कि वे फिर से उदयपुर के लिए निकल रहे हैं। मीणा का प्रेस वार्ता में यह कहना था और ठीक पांच मिनट बाद ही पुलिस उनके पास पहुंच गई। प्रेसवार्ता समाप्त होने के तुरन्त बाद उनको पुलिस कमिश्नर कार्यालय ले जाया गया। यहां उन्होंने कहा कि वे धरियावद एक सम्मेलन में जाना चाहते हैं। पहले तो पुलिस मानी नहीं, लेकिन काफी देर तक चर्चा के बाद पुलिस घेरे में उनको धरियावद के लिए रवाना किया गया। मीणा ने पत्रकारों से कहा कि जिस होटल में कांग्रेस का चिंतन शिविर चल रहा है उसके मालिक को सीएम का संरक्षण मिला हुआ है। इसके सबूत भी मेरे पास है।
एस्कोर्ट के साथ रवाना किया
घटना के कुछ देर बाद ही जयपुर पुलिस कमिशनर आनंद श्रीवास्तव बयान आ गया। कहा, किरोड़ीलाल मीणा आए थे, उन्हें धरियावद एक सम्मेलन में जाना था। उन्हें पुलिस एस्कोर्ट के साथ वहां के लिए रवाना कर दिया।
भाजपा के सभी नेता खड़े हुए किरोड़ी के साथ
राजस्थान में गुटों में बंटी भाजपा लम्बे वक्त बाद किसी मसले पर एकजुट नज़र रही है। हैरानी की बात तो ये है कि पार्टी के तमाम नेता 'एकला चलो' की रानजीति में रहने वाले राज्य सभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के पक्ष में एकजुट दिख रहे हैं। उदयपुर और अजमेर से 'जिला बदर' किये गए सांसद डॉ मीणा के साथ हुए पुलिसिया रवैय्ये का सभी नेताओं ने एक सुर में विरोध जताया है। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से लेकर प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया और अर्जुन राम मेघवाल समेत केंद्र सरकार में बैठे राजस्थान के तीनों सांसदों ने गहलोत सरकार को जमकर आड़े हाथ लिया है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ले रहे थे उदयपुर में तैयारियों का जायजा, पहुंच गए किरोड़ी
बता दें, चिंतन शिविर शुरू होने से एक दिन पहले यानी गुरुवार 12 मई को ही उदयपुर में एक बड़ा हाईवोल्टेज ड्रामा हो गया था। वैसे तो कांग्रेस के स्थानीय नेता दिल्ली और अन्य प्रदेशों से आने वाले पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की आवभगत और शिविर की तैयारियों में जुटे थे लेकिन यह ड्रामा उस वक्त हो गया जब यहां पहुंच गये भाजपा के सांसद।
काफी देर तक चले ड्रामे के बाद पुलिस भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा को अपने साथ ले गई। लेकिन उससे पहले जो कुछ हुआ वो बेहद ही दिलचस्प रहा। कांग्रेस के नवसंकल्प चिंतन शिविर के एक दिन पहले जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उदयपुर में तैयारियों का जायजा ले रहे थे। इस बीच भाजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा भी उदयपुर पहुंच गये। प्रेस और मीडिया को सूचना दी गई कि भाजपा नेता होटल हिस्टोरिया रॉयल में एक संवाददाता सम्मेलन करेंगे। लेकिन इससे पहले की मीडिया वहां पहुंचती, वहां पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने होटल में ही भाजपा सांसद की घेराबंदी कर दी और होटल के चप्पे-चप्पे पर पहरा बैठा दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने उनसे कहा कि वे उदयपुर से चले जाएं। इस पर किरोड़ीलाल मीणा ने कहा, 'मैं क्यों चला जाऊं। किस कानून के तहत आप मुझे यहां से भेजना चाहते हैं। मैं अपने कार्यकर्ता के पिता की तबीयत पूछने के लिए आया हूं। इस पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि हमें ऊपर से आदेश हैं, आप यहां नहीं ठहर सकते हैं।'
दोनों पक्षों की काफी गहमागहमी के बाद भी पुलिस ने उन्हें घेरे रखे। इसके बाद उन्होंने अपने समर्थकों के साथ होटल में ही भोजन किया। इसके थोड़ी देर बाद एक और तस्वीर सामने आई। इस तस्वीर को इस पूरे ड्रामे का क्लाइमेक्स भी कहा जा सकता है। इस तस्वीर में नजर आया कि पुलिस भाजपा सांसद को होटल से अपनी गाड़ी में बैठा कर ले गई।
जाने से पहले किरोड़ीलाल मीणा ने मीडिया के सामने कहा कि पुलिस उनके साथ जबरदस्ती कर रही है। वो यहां अपने परिचित से मिलने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का चिंतन शिविर जिस होटल में हो रहा उसके मालिक को सीएम अशोक गहलोत का संरक्षण मिला हुआ है। यही बात किरोड़ी लाल मीणा ने जयपुर में भी दोहराई। उन्होंने सोनिया गांधी से अपील की कि वे उस होटल में शिविर न करे, जिसमें मुख्यमंत्री का पैसा लगा हो। इसके बाद वे पुलिस की गाड़ी में बैठकर चले गए।