18 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan Elections : पंचायत-निकाय चुनाव पर नया अपडेट, राजस्थान हाईकोर्ट आज अवमानना याचिकाओं पर करेगा सुनवाई

Rajasthan Elections : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रेल तक कराने के अदालती आदेश की पालना नहीं होने को लेकर दायर अवमानना याचिकाओं पर हाईकोर्ट में आज साेमवार को सुनवाई होगी।

2 min read
Google source verification
Rajasthan Panchayat-body elections New update High Court hear contempt petitions today

राजस्थान हाईकोर्ट। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Elections : राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रेल तक कराने के अदालती आदेश की पालना नहीं होने को लेकर दायर अवमानना याचिकाओं पर हाईकोर्ट में साेमवार को सुनवाई होगी। न्यायाधीश महेन्द्र कुमार गोयल व न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन की खंडपीठ इस मामले में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा व गिरिराज सिंह देवंदा की अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने शहरी निकायों के लिए मतदाता सूचियां जारी करने मे देरी को लेकर राज्य निवाचन आयोग व राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया था।

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की अवमानना याचिका में सरकार और आयोग पर जानबूझकर चुनाव टालने का आरोप लगाते हुए अवमानना कार्यवाही करने का आग्रह किया गया है।

11 मई को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई पूरी

उल्लेखनीय है कि पंचायत-निकाय चुनाव टालने के लिए राज्य सरकार की ओर से दायर प्रार्थना पत्र पर 11 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई थी, जिस पर फैसला आना शेष है। सुनवाई के दौरान अदालत ने तय समय पर चुनाव नहीं कराने को लेकर सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी भी जताई। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है लेकिन लगातार चुनाव टालने की कोशिश की जा रही है। अदालत ने साफ कहा कि यह रवैया उचित नहीं है।

15 अप्रैल 2026 तक चुनाव कराने के दिए थे निर्देश

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को 439 याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। साथ ही 31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान समयसीमा के भीतर चुनाव कराने की बात कही थी।

अब सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने अदालत में प्रार्थना पत्र दायर कर अतिरिक्त समय मांगा है। सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, स्कूलों की उपलब्धता, स्टाफ, ईवीएम और अन्य प्रशासनिक संसाधनों की कमी का हवाला दिया है। साथ ही यह भी कहा कि सितंबर से दिसंबर के बीच कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, इसलिए बाद में चुनाव कराने से वन स्टेट-वन इलेक्शन की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।

दूसरी ओर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज देवंदा ने राज्य चुनाव आयोग के खिलाफ अवमानना याचिका दायर कर कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में हाईकोर्ट अब 18 मई को सुनवाई करेगा।