मौसम विभाग ने पहले ही घंटी बजा दी थी कि राजस्थान में गर्मी रिकॉर्ड तोड़ेगी, अब यूं पानी भी लाएगा 'पसीना'...
पेयजल किल्लत की खबरों के बीच सरकार ने पानी महंगा कर दिया है। राजस्थान में सरकारी जल कनेक्शनों की नई दरों की घोषणा हो गई है। जानिए कहां-कितनी बढ़ोतरी की गई...
10 पर्सेंट व उससे ज्यादा शुल्क वसूली होगी
घोषणा के अनुसार,घरेलू उपभोक्ताओं से लेकर फ्लैट रेट से पानी उपभोग कर रहे उपभोक्ताओं को मई से नई दरों से शुल्क का भुगतान करना होगा। विभाग ने सभी श्रेणी में उपभोक्ताओं से दस फीसदी व उससे ज्यादा शुल्क वसूली करने की तैयारी कर ली है।
बीती रात जारी हुए आदेश के अनुसार घरेलू जल उपभोग दरों से लेकर डुप्लीकेट बिल तक के शुल्क में दस फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। घरेलू जल उपभोक्ता अब तक स्लैब के अनुसार आठ हजार लीटर प्रतिमाह तक जल उपभोग पर 1.56 रुपए प्रति हजार लीटर शुल्क का भुगतान कर रहे थे।
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उन्हें अब इसकी जगह 1.72 रुपए प्रति हजार लीटर न्यूनतम शुल्क का भुगतान करना पड़ेगा। स्लैब के अनुसार 40 हजार व उससे ज्यादा जल उपभोग पर घरेलू उपभोक्ताओं को 5.50 रुपए मूल जल उपभोग शुल्क का भुगतान मई माह से करना पड़ेगा।
इसी तरह विभाग ने मीटर टेस्टिंग से लेकर, नाम शिफ्ट कराने, मीटर टैंपरिंग, मीटर शिफ्ट अथवा चोरी होने के शुल्क में बढ़ोतरी की है। मीटर टेंपरिंग शिफ्टिंग मामले में उपभोक्ताओं को 1200 रुपए शुल्क का भुगतान करना होता था, वहीं अब उनसे 1320 रुपए शुल्क का भुगतान करना होगा। यही नहीं किराएदार द्वारा जल कनेक्शन के आवेदन का शुल्क भी विभाग ने बढ़ा दिया है।
किराएदार द्वारा जल कनेक्शन आवेदन पर पहले विभाग 1500 रुपए शुल्क वसूला जाता था, वहीं अब ऐसे आवेदकों को 2200 रुपए का भुगतान करने पर ही पानी कनेक्शन जारी होंगे। दरों में हुई बढोतरी में पहले बीपीएल आवेदकों से 200 रुपए शुल्क लिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 440 रुपए किया गया है।
मीटर टेस्टिंग फीस को भी विभाग ने वाटर टैरिफ में शामिल कर दस फीसदी शुल्क की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। 15 एमएम लाइन कनेक्शन पर पहले मीटर टेस्टिंग फीस बीस रुपए थी, वह अब 22 रुपए की गई है।
20 एमएम पर 55 और 25 एमएम पाइपलाइन के पानी कनेक्शन होने पर मीटर टेस्टिंग शुल्क 110 रुपए किया गया है। इसके अलावा फ्लैट रेट से जल उपभोग शुल्क भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को भी अब दस फीसदी से ज्यादा राशि का भुगतान पानी बिलों में करना होगा।