kota JK Lone Hospital : कोटा के जेके लोन अस्पताल में ( Death Of Childre ) मासूम बच्चों की मौत का आकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है । ( rajasthan Politics ) मासूम बच्चों की मौत को लेकर विपक्ष सता पक्ष को घेर रहा है वहीं सता पक्ष पिछले आकड़ों की तुलना कर अपना बचाव कर रहा है । इधर जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है देश में प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा बहुत कमज़ोर है और यही बच्चों की अकाल मौत का कारण है।
kota JK Lone Hospital : कोटा के जेके लोन अस्पताल में ( Death Of Childre ) मासूम बच्चों की मौत का आकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है । ( rajasthan Politics ) मासूम बच्चों की मौत को लेकर विपक्ष सता पक्ष को घेर रहा है वहीं सता पक्ष पिछले आकड़ों की तुलना कर अपना बचाव कर रहा है । इधर जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है देश में प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा बहुत कमज़ोर है और यही बच्चों की अकाल मौत का कारण है। खैर जो भी कारण हो लेकिन इन सब के बीच किसी ने अपना बेटा खोया तो किसी ने बेटी । नए साल में सरकार के साथ हमसब मिलकर एक प्रण ले कि ऐसी व्यवस्थाओं को सुधारा जाएं जो ऐसे हालत पैदा करती है ताकि फिर किसी अस्पताल में ऐसी घटना ना हो ।
आप बता दे जेके लोन अस्पताल में मंगलवार को 13घंटे में 5 मासूमों की जान चली गई। अस्पताल में इस महीने बच्चों की मौत का आंकड़ा 99 तक पहुंच चुका है। 25 दिसबर के बाद सात दिन में 22 बच्चों की मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि 48 घंटों में 10 बच्चों की मौत के बाद अस्पताल देश भर में सुर्खियों में आ गया था।
अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखकर अस्पताल में अनयिमितताओं की तरफ ध्यान दिलाया है। मुख्यमंत्री से स्थिति को संभालने की गुजारिश करते हुए केंद्र की तरफ से हरसंभव मदद करने का भरोसा भी दिया है। कोटा सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी जेके लोन अस्पताल पहुंचे और वहां पर चिकित्सा सेवाओं की सुध ली। आपको बता दे अस्पताल में कोटा और आसपास के कई जिलों, जैसे कि झालावाड़, बारा, बूंदी और अन्य प्रदेशों से मरीज और उनके परिजन आते हैं। अब देखना होगा कब तक ये मौत का आकड़ा रूक पाता है