जयपुर

तो क्या लॉरेंस गैंग के इशारे पर हुआ जयपुर बाल सुधार गृह फरार कांड? जानें मामले में अबतक क्या हुआ

संप्रेषण गृह में क्राफ्ट टीचर इंद्रमल सांवरिया, केयर टेकर दीपक मल्होत्रा, सिक्यूरिटी गार्ड मान सिंह गुर्जर व लादूलाल सैन की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुुलिस ने आशंका जताई है कि वारदात को अंजाम लॉरेंस गैंग के इशारे पर दिया गया है।
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Feb 14, 2024
Lawrence gang connection of child molesters who escaped from Jaipur juvenile home
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जयपुर के बाल सुधार गृह से फरार हुए 23 बाल अपचारियों के मामले में पुलिस ने अबतक कुल 4 कर्मचारियों व 5 बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है। फरार चल रहे शेष बाल अपचारियों की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा उनके छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। इस बीच इस पूरे मामले को लॉरेंस गैंस से भी जोड़ा जा रहा है। संप्रेषण गृह में क्राफ्ट टीचर इंद्रमल सांवरिया, केयर टेकर दीपक मल्होत्रा, सिक्यूरिटी गार्ड मान सिंह गुर्जर व लादूलाल सैन की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुुलिस ने आशंका जताई है कि वारदात को अंजाम लॉरेंस गैंग के इशारे पर दिया गया है।

पुलिस ने जांच में पाया है कि बाल अपचारियों की पिछले 1 महीने से बाल संप्रेषण गृह से भागने की प्लानिंग चल रही थी। योजना को पिछले रविवार (11 फरवरी) रात को क्रियान्वित किया गया। इसका मास्टर माइंड बीकानेर निवासी वो बाल अपचारी है जिसने रोहित गोदारा के इशारे पर जी क्लब पर फायरिंग की थी। साजिश के अनुसार बाल संप्रेषण गृह में गैस कटर चोरी छिपे मंगवाया गया। इससे स्टोर रूम का ताला तोड़कर लोहे की भारी खिड़की को थोड़ा थोड़ा हिस्सा काटकर भागने का रास्ता बनाया गया। जाली काटने के दौरान वहां लगे टीवी की आवाज तेज कर दी ताकि किसी को पता नहीं चले।

पुलिस ने बताया है कि इनमें से आठ बाल अपचारी पर दुष्कर्म और 14 पर हत्या या हत्या के प्रयास में शामिल होने के संगीन आरोप है, जो न्यायालय में लंबित हैं। फरार आरोपी में चिराग मल्होत्रा नाम का आरोपी भी शामिल है, जो लॉरेंस गैंग के इशारे पर हत्या जैसे वारदात को अंजाम देने का प्रयास कर चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के वक्त वह नाबालिग था लेकिन अब वह बालिग हो चुका है। पुलिस फरार चल रहे 18 बाल अपचारियों की तलाश में जुटी हुई है। इस ऑपरेशन में एसओजी की टीम को भी लगाया गया है।

गैंगस्टर लॉरेंस की गैंग वसूली के लिए नाबालिग को शूटर के रूप में काम में लेती है, ताकि पुलिस की पकड़ में आने के बाद नाबालिग को सजा न हो सके। गैंग में शामिल कई नाबालिग पहले भी पकड़े जा चुके हैं।

Published on:
14 Feb 2024 04:11 pm