जयपुर . शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक सुधार के दावे जमीन पर फेल होते नजर आ रहे हैं। अधिकांश व्यस्त चौराहों पर ‘लेफ्ट फ्री टर्न’ ही नहीं है, जहां बने हैं, वे भी दिखावा साबित हो रहे हैं। जबकि इन मार्गों से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। नतीजा चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल रेड होते […]
जयपुर . शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक सुधार के दावे जमीन पर फेल होते नजर आ रहे हैं। अधिकांश व्यस्त चौराहों पर ‘लेफ्ट फ्री टर्न’ ही नहीं है, जहां बने हैं, वे भी दिखावा साबित हो रहे हैं। जबकि इन मार्गों से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। नतीजा चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल रेड होते ही लंबा जाम लग जाता है। पत्रिका रिपोर्टर ने बुधवार को शहर के प्रमुख मार्गों का जायजा लिया तो अधिकतर सड़कों के चौराहे लेफ्ट फ्री नहीं मिले, कहीं सड़क से सटकर अतिक्रमण हो रहे हैं तो कहीं बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हैं।
मुख्य मार्गों पर चौराहे अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहे हैं, कहीं अस्थायी तो कहीं स्थायी अतिक्रमण हो रहे हैं। शहर में जिन चौराहों पर लेफ्ट फ्री टर्न बना रखे हैं, वे ऐसी जगह हैं, जहां ट्रैफिक सिग्नल रेड होते ही वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे लेफ्ट की ओर वाहन चालक निकल ही नहीं पाते हैं।
शहर के सबसे वीवीआइपी रोड जेएलएन मार्ग पर ही लेफ्ट टर्न नहीं है। जेडीए के बाहर चौराहे पर ही लेफ्ट टर्न दिखावा साबित हो रहा है। रामबाग की ओर से आने वाले वाहन चालक ट्रैफिक सिग्नल रेड होते ही लेफ्ट टर्न तक नहीं पहुंच पाते। इससे चौराहे पर लंबा जाम लग रहा है। ऐसे ही यूनिवर्सिटी की ओर से आने वालों के लिए सिर्फ स्लीप लेन बना रखी है, लेफ्ट फ्री टर्न नहीं है। ऐसे ही हाल ओटीएस चौराहे पर नजर आए। त्रिमूर्ति सर्कल हो या फिर एसएसएस मेडिकल कॉलेज के पास वाले ट्रैफिक सिग्नल चौराहा, यहां भी लेफ्ट फ्री टर्न नहीं है।
टोंक रोड पर सबसे व्यस्त चौराहा रामबाग पर भी दो ओर लेफ्ट फ्री टर्न नहीं हैं। ऐसे ही हाल गांधी नगर मोड़ पर दिखाई दिए। वहीं पिंजरापोल गोशाला तिराहा, कुंभा मार्ग तिराहा, इंडिया गेट तिराहा पर लंबा जाम लग रहा है, लेकिन यहां भी लेफ्ट फ्री टर्न नहीं हैं।
अशोक मार्ग पर तीन ट्रैफिक सिग्नल हैं और एक सर्कल बना है, लेकिन कहीं भी लेफ्ट फ्री टर्न नहीं बना रखे। जबकि एमआइ रोड पर वन-वे होने से इस मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। पांच बत्ती पर भी लेफ्ट फ्री टर्न नहीं है।
शहर के बाहरी क्षेत्रों में मुख्य सड़कों के चौराहों पर अतिक्रमण हो रहा है। सबसे बड़ी कॉलोनी मानसरोवर हो या फिर मालवीय नगर, विद्याधर नगर जैसे खुली सड़कों वाले क्षेत्र के चौराहों पर भी लेफ्ट फ्री टर्न नहीं बने हैं।
जेडीए अफसर भी प्रमुख चौराहों पर लेफ्ट फ्री टर्न की जरूरत बताते हैं, लेकिन अतिक्रमण और जमीन उपलब्ध नहीं होना सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। जेडीए ने 94वीं ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में भी लेफ्ट फ्री टर्न की जरूरत जताई है। इसमें करीब 12 चौराहों को प्राथमिकता में शामिल किया गया है, लेकिन इन चौराहों पर अतिक्रमण व जमीन की उपलब्धता जेडीए के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
— टोंक रोड, विधानसभा की ओर जाने वाले मार्ग पर
— टोंक रोड पुलिस मुख्यालय
— गंगा जमुना पेट्रोल पंप तिराहा
— कालवाड़ रोड सी-जोन बाइपास चौराहा
— रोड नंबर 14 वीकेआइ
— सोडाला जंक्शन
— अजमेर रोड निर्माण नगर जंक्शन
— महल रोड 7 नंबर चौराहा व एनआरआइ चौराहा
— महल रोड अक्षय पात्र चौराहा
— टोंक रोड पिंजरापोल गोशाला तिराहा
— कुंभा मार्ग तिराहा
— इंडिया गेट तिराहा
डिजाइन में प्रावधान
सड़कों के चौराहों पर लेफ्ट फ्री टर्न होने चाहिए। चौराहों की डिजाइन में इसके प्रावधान हैं, लेकिन बना नहीं रखे हैं। अगर लेफ्ट में स्लीप लेन बनाकर यातायात को निकलने की जगह मिल जाए तो चौराहों पर यातायात के दबाव में कमी आएगी। लेफ्ट की ओर जाने वाला यातायात आसानी से निकल जाए।
- एच.एस. संचेती, पूर्व मुख्य नगर नियोजक