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Water Management: राजस्थान में ग्रामीण और जल संकट प्रभावित क्षेत्रों के लिए आई खुशखबरी, 688 करोड़ रुपए किए मंजूर

Water Crisis Solution: भू-जल बढ़ाने और वर्षा जल संचयन पर फोकस, 33 जिलों में होंगे बड़े काम। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 को नई रफ्तार, अब तक जारी हुए 988 करोड़ रुपए।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

May 26, 2026

Water Crisis Solution

photo AI

Rajasthan Water Conservation: जयपुर.राजस्थान में जल संरक्षण और भू-जल संवर्धन को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA) 2.0 के तहत द्वितीय और तृतीय चरण के लिए 688.28 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृतियां जारी की गई हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेशभर में जल संरक्षण संरचनाओं का विकास, वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण कार्यों को तेज गति से आगे बढ़ाना है।

सरकार द्वारा जारी स्वीकृतियों में अभियान के द्वितीय चरण के लिए जल संरक्षण उपकर निधि (Water Conservation Cess Fund) से 488.28 करोड़ रुपए तथा तृतीय चरण के लिए राज्य निधि प्रावधान से 200 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे प्रदेश के ग्रामीण और जल संकट प्रभावित क्षेत्रों में जल संरक्षण संबंधी योजनाओं को मजबूती मिलेगी।

जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग की निदेशक एवं पदेन विशिष्ट शासन सचिव कल्पना अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तहत प्रदेशभर में जलग्रहण विकास, भू-संरक्षण और जल संवर्धन से जुड़े कार्य बड़े स्तर पर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई वित्तीय स्वीकृतियों से अभियान को और अधिक गति मिलेगी तथा आने वाले समय में जल संकट से निपटने में मदद मिलेगी।

उन्होंने जानकारी दी कि अभियान के द्वितीय चरण के लिए इससे पहले भी 300 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इस प्रकार अब तक राज्य सरकार द्वारा विभिन्न चरणों में कुल 988.28 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त 488.28 करोड़ रुपए मिलने से जल संरक्षण कार्यों को और मजबूती मिलेगी।

सरकार ने यह भी निर्देश दिए हैं कि Water Conservation Cess Fund से किए जाने वाले कार्यों का अलग से लेखा-जोखा रखा जाएगा और उसकी प्रगति रिपोर्ट समिति को प्रस्तुत करनी होगी। इससे योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तृतीय चरण में 200 करोड़ रुपए की राशि 33 जिलों के परियोजना प्रबंधकों के निजी निक्षेप खातों में हस्तांतरित करने के आदेश जारी किए गए हैं। खास बात यह है कि नवगठित जिलों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इन जिलों के लिए स्वीकृत राशि पुराने जिलों के खातों के माध्यम से जारी की जाएगी ताकि वहां भी जल संरक्षण कार्य समय पर शुरू हो सकें।

राज्य सरकार का मानना है कि अभियान के जरिए जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा और गांवों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के साथ भू-जल स्तर सुधारने में भी मदद मिलेगी।