बाएं और दाएं हाथ से काम करने वाले लोगों के बीच अंतर को लेकर अक्सर चर्चा होती है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए वैज्ञानिक एक सदी से भी अधिक समय से जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि यह गुत्थी सुलझने से इसका खुलासा हो सकता है कि मानव दिमाग अलग-अलग तरीके से कैसे काम करता है।
वॉशिंगटन. बाएं और दाएं हाथ से काम करने वाले लोगों के बीच अंतर को लेकर अक्सर चर्चा होती है। इस गुत्थी को सुलझाने के लिए वैज्ञानिक एक सदी से भी अधिक समय से जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि यह गुत्थी सुलझने से इसका खुलासा हो सकता है कि मानव दिमाग अलग-अलग तरीके से कैसे काम करता है। वैज्ञानिकों के अनुसार बाएं हाथ से सक्रिय लोग लीक से अलग हटकर सोचते हैंं, जिससे उनके पास अधिक रचनात्मकता होती है। बाएं हाथ से काम करने वाले लोगों का दिमाग वास्तव में दाएं हाथ के लोगों से अलग होता है। वैज्ञानिकों ने ब्रेन स्कैन के जरिए पता लगाया है कि बाएं हाथ से काम करने वाले लोग, दाएं हाथ से काम करने वाले लोगों से अलग सोचते हैं। कुछ कार्यों और गतिविधियों के लिए उनके मस्तिष्क का दाहिना आधा हिस्सा अधिक सक्रिय रहता है। ड्रेक्सल यूनिवर्सिटी में न्यूरोसाइकोलॉजी के प्रोफेसर एरिक जल्मिर ने कहा, 'रचनात्मकता इस बात पर निर्भर करती है कि हम कैसे सोचते हैं। बाएं हाथ से सक्रिय लोगों की रचनात्मकता तंत्रिका तंत्र से जुड़ी होती है।
अधिक सक्रिय होता बायां हिस्सा
बाएं हाथ से सक्रिय लोगों का भाषाई कार्यों के लिए मस्तिष्क का बायां हिस्सा दाएं हिस्से की तुलना में अधिक सक्रिय होता है। शोधकर्ताओं के अनुसार बाएं हाथ से सक्रिय अधिकतर लोगों के संदर्भ में यह बात नहीं दिखती है। बाएं हाथ से अधिक सक्रिय लोग भाषाई कार्यों के लिए दाएं हिस्से के मस्तिष्क को अधिक सक्रिय नहीं कर पाते हैं।
दोनों हिस्सों का अलग-अलग काम
इंसान का मस्तिष्क दो हिस्सों बाएं और दाएं गोलार्ध में बांटा गया है। प्रत्येक आधा हिस्सा अपने कार्यों के लिए जिम्मेदार है। मस्तिष्क का बायां हिस्सा भाषण लेखन, अंकगणित, भाषा और समझ से जुड़ा होता है, जबकि दायां हिस्सा रचनात्मकता, संगीत कौशल और कलात्मक अभिव्यक्ति को नियंत्रित करता है।