जयपुर के त्रिपोलिया बाज़ार निवासी व राजस्थान पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार वशिष्ठ यमुनोत्री के किनारे मुंह-हाथ धो रहे थे। तभी अचानक संतुलन खो बैठे और नदी के बहाव में बह गए।
जयपुर। चार धाम यात्रा के लिए जयपुर से गए दीपक कुमार वशिष्ठ उत्तराखंड में यमुनोत्री स्थित स्यानाचट्टी में सोमवार सुबह से लापता हैं। दो दिन बीत जाने के बाद भी उनके नहीं मिलने से परिजनों का हाल बेहाल है। वे उत्तराखंड सरकार और राजस्थान सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं।
जयपुर के त्रिपोलिया बाज़ार निवासी व राजस्थान पुलिस के रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर दीपक कुमार वशिष्ठ चार धाम यात्रा के लिए पत्नी और अन्य श्रद्धालुओं के दल के साथ 24 मई शुक्रवार को जयपुर से रवाना हुए थे। सोमवार 27 मई की सुबह वे एक साथी श्रद्धालु के साथ यमुनोत्री के किनारे मुंह-हाथ धो रहे थे। तभी अचानक दोनों श्रद्धालु संतुलन खो बैठे और नदी के बहाव में बह गए। हालांकि अन्य श्रद्धालु चट्टान पकड़ने के कारण बच गए, लेकिन दीपक कुमार वशिष्ठ पानी के तेज़ बहाव में बह गए। इस घटने के बाद मौके पर हड़कंप की स्थिति बन गई।
उत्तराखंड में हुई घटना की जानकारी जब जयपुर पहुंची तो परिवार में जैसे कोहराम मच गया। सूचना मिलने के बाद दीपक कुमार वशिष्ठ की पुत्री जयपुर से और उनका पुत्र बेंगलुरु से फ़ौरन घटनास्थल की ओर रवाना हुए। पुत्र-पुत्री अब मौके पर पहुंचकर अपने पिता की तलाश में जद्दोजहद कर रहे हैं।
नदी के बहाव में बहकर लापता हुए दीपक कुमार वशिष्ठ की तलाश दो दिन बाद अब जाकर उत्तराखंड सरकार की स्पेशल रेस्क्यू टीम करेगी। जानकारी के अनुसार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद एक स्पेशल टीम आज मौके पर जाकर उन्हें ढूंढने में जुटेगी।
लापता हुए दीपक कुमार वशिष्ठ की पुत्री आरती शर्मा ने पत्रिका को बताया कि स्थानीय चौकी पर गुमशुदगी दर्ज करवाने के बाद यमुनोत्री पर तैनात स्थानीय रेस्क्यू टीम ने पिता को तलाश तो किया, लेकिन वहां उनका ढुलमुल रवैय्या नज़र आया। रेस्क्यू टीम ने नदी के हर हिस्से में तलाश नहीं करके फौरी तौर पर लकड़ियों से किनारे-किनारे ही सर्च किया। नदी के बीच क्षेत्र में जाकर तलाश करने की गुहार लगाने पर भी हाथ खड़े कर दिए।
घटनास्थल पर पहुंचे दीपक कुमार के परिजन हादसे के दिन के बाद से परेशान हो रहे हैं। स्थानीय प्रशासन से लेकर राजधानी देहरादून में बैठे आपदा प्रबंधन और जिला प्रशासन के आला अफसरों तक से मदद की गुहार लगा-लगाकर थक गए, तब जाकर दो दिन बाद स्पेशल रेस्क्यू टीम से तलाश करवाने का आश्वासन मिला।
दीपक कुमार वशिष्ठ के पुत्र-पुत्री अब उत्तराखंड और राजस्थान की सरकारों से गुहार लगा रहे हैं कि किसी भी तरह उनके लापता हुए पिता को खोज निकाले। इधर दीपक कुमार वशिष्ठ की पत्नी अपने पति की सकुशल वापसी के इंतज़ार बेसुध अवस्था में है