
जयपुर
राजस्थान के भीलवाड़ा शहर से बड़ी खबर सामने आई है। एक कथित संत को पकडकर लाने वाली भीलवाड़ा पुलिस ने संत को आज कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर ली है। संत का नाम सरजू महाराज है और उसका जयपुर, अयोध्या, महाराष्ट्र् समेत अन्य कई जगहों पर कई आश्रम है। वह कुछ कुछ दिन सभी आश्रमों में बिताता था और वहां पर कई जगहों पर गलत काम करता था। भीलवाड़ा जिले के एसपी आदर्श सिद्धू ने बताया कि सरजू महाराज के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। भीलवाड़ा में उस पर छह दिसम्बर को केस दर्ज हुआ था।
उस पर एक महिला भक्त पर तेजाब फेंकने, उसकी एक बेटी का यौन शोषण और दूसरी बेटी का बलात्कार करने का केस है। वह भीलवाड़ा के घोडासा गांव में स्थित आश्रम का महंत है। एसपी सिद्धू ने बताया कि उसे जब आश्रम लेने पहुंचे तो उसके चेलों ने पुलिस को परेशान किया, विरोध किया, इसलिए ही आठ थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही और सरजू महाराज को अरेस्ट कर लिया गया। अब वह पूछताछ में कॉपरेट नहीं कर रहा है । उसे रिमांड पर लेने की तैयारी है।
यह केस था सरजू महाराज के खिलाफ भीलवाड़ा में
भीलवाड़ा के सहाड़ा इलाके में पुलिस अफसर गोवर्धन लाल खटीक ने जानकारी दी कि आठ थानों की पुलिस के जाने के बाद भी विरोध झेलना पडा। इस कारण कुछ सख्ती करनी पड गई। बुधवार को जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई तो उसने पुलिस और अपने भक्तों के साथ कुछ बीच खा लिए, पुलिसवालों के हाथ पैर फूल गए। बीज खाने के बाद उसने अचेत होने का नाटक करना शुरु कर दिया। पुलिस ने उसे अरेस्ट करने के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती करा दिया। जांच में पता चला कि यह बीच सर्दी में खाए जाने वाले कुछ बीज हैं जो शरीर को गर्म रखते हैं। सरजू महाराज पूरी तरह से स्वस्थ है।
पुलिस ने बताया कि सरजू महाराज के उपर मांडल थाने में केस दर्ज कराया गया था। थाना क्षेत्र में एक गांव में रहने वाली चालीस साल की एक महिला ने ये केस दर्ज कराया था। उसने कहा कि वह छह दिसम्बर को खेत पर काम कर रही थी। काम करने के दौरान सरजू महाराज आया और खेत में ही रेप करने की कोशिश की। विरोध करने पर तेजाब फेंक दिया। पर्चा बयान में पुलिस ने दर्ज किया कि सरजू महाराज ने महिला की दोनो नाबालिग बेटियों के साथ भी गंदा काम किया।