
जयपुर के महेश मीणा हत्याकांड में पूछताछ के दौरान कविता मास्टरमाइंड साबित हो रही है। महेश को मौत के घाट उतारने के लिए उसने बहुत ही समझदारी से साजिश रची और इस तरह एक्टिंग की घर पर किसी को शक न हो और सबको यह घटना प्राकृतिक मौत लगे। पुलिस के अनुसार कविता ने अपने बॉयफ्रेंड गणेश के साथ मिलकर महेश को उन दोनों के रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। घटना को अंजाम देने के बाद निर्दोष होने की एक्टिंग करते हुए वह अस्थि विसर्जित करने हरिद्वार भी गई थी।
महेश की मौत के बाद परिवार ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद उसकी अस्थियां विसर्जित करने के लिए परिवार के लोग हरिद्वार गए। इस दौरान कविता भी उनके साथ गई। परिवार वालों को थोड़ी भी भनक न लगे, इसके लिए पूरे समय दुख जताती रही। अस्थि विसर्जन के दौरान बिलख-बिलख कर रोती रही।
दरअसल, यह घटना 5 अगस्त को हुई थी लेकिन 12 दिन बाद महेश के पिता ने आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और फिर उससे पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश की। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद ही परिवार को कविता की सच्चाई पता चली थी कि उसी ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर महेश का मर्डर किया है।
बता दें कि इस घटना को लेकर कविता ने ससुराल वालों को कुछ और ही कहानी सुनाई थी। उसका कहना था कि महेश की रास्ते में तबीयत खराब हो गई थी लेकिन उसने महेश को बांधा और 14 नंबर पुलिया तक खुद बाइक चलाकर लाई लेकिन सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि वह अपने बॉयफ्रेंड गणेश के साथ बैठी थी और महेश दो अन्य युवकों के बीच बाइक पर बैठा था।
जानकारी के अनुसार कविता ने पाइनएप्पल जूस में कुछ मिलाकर महेश को पिला दिया था जिसके बाद महेश की तबीयत खराब हो गई थी। तबीयत खराब होने के दो-तीन घंटे तक वह उसे बाइक पर इधर-उधर घुमाती रही। फिर काफी देर बाद कविता ने एक्टिंग करते हुए अपने देवर को कॉल करके कहा कि महेश की तबीयत खराब हो गई है और वह बेहोश हो गया है। उसके बाद महेश का भाई वहां पहुंचा और उसे हॉस्पिटल लेकर गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्लानिंग में इस्तेमाल किए गए सामान को कविता ने अपने पिता से मंगवाया था। उस समय पिता को नहीं पता था कि कविता इसका इस्तेमाल किस तरह करने वाली है। बता दें कि गणेश और कविता के बीच प्रेम प्रसंग था। घर वाले गणेश से शादी करवाने के लिए राजी नहीं थे और डेढ़ साल पहले कविता की महेश से शादी करवा दी गई थी।