सालासर बालाजी के भी दर्शन बंद रहेंगे
जयपुर. तीन सौ साल में पहली बार खाटू श्याम जी के पट बंद किए गए। आरती और ऑनलाइन दर्शन जारी रहेगा। सालासर बालाजी के भी दर्शन बंद रहेंगे।
डिग्गी कल्याण मंदिर के पहली बार हुए पट बंद
मालपुरा. प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते प्रसिद्ध तीर्थस्थल डिग्गी मंदिर एवं जैन श्वेताम्बर दादाबाडी मालपुरा में श्रद्धालुओं के अभाव में सन्नाटा पसरा हुआ है। वहीं दूसरी ओर उपखण्ड मजिस्ट्रेट डॉ राकेश कुमार मीणा ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए 31 मार्च तक डिग्गी कल्याण मंदिर दर्शनार्थियों के लिए बंद किया गया। डिग्गी कल्याण मंदिर पुजारी गिर्राज शर्मा ने बताया कि मंदिर निर्माण के बाद से बाद से पहली बारी श्रीजी के पट बंद हुए है। वहीं गुरुवार को एकादशी होने के बावजूद दर्शनार्थियों के नहीं आने के चलते डिग्गी बाजार भी दिनभर सूनसान नजर आया।
भगवान सांवलिया सेठ के मंदिर में दर्शन आज से बंद
चित्तौडग़ढ. कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते खतरे के बाद प्रशासन ने गुरूवार रात मण्डफिया स्थित मेवाड़ के कृष्णधाम सांवलियाजी के मंदिर को आगामी आदेश तक बंद करने का फैसला किया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर एवं सांवलियाजी मंदिर मंडल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मुकेशकुमार कलाल ने बताया कि मंदिर दर्शनार्थियों के दर्शन के लिए आगामी आदेश तक बंद किया जाता है। मंदिर की अन्य पारम्परिक व्यवस्था यथा आरती,पूजन आदि यथावत पूर्वानुसार पुजारी द्वारा पारम्परिक रूप से नियत समय पर किया जाएगा।
अब मदनमोहन जी के दर्शन भी बंद
करौली. कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए प्रसिद्ध आराध्य देव मदनमोहनजी के दर्शन भी आमजन के लिए बंद कर दिए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट की विज्ञप्ति के अनुसार 31 मार्च तक मंदिर में सेवा-पूजा, आरती तथा भोग-प्रसाद की व्यवस्था यथावत रहेगी लेकिन आमजन के लिए दर्शन करने को प्रवेश मंदिर में नहीं मिलेगा। गुरुवार शाम को पुलिस प्रशासन के निर्देश के बाद ट्रस्ट ने मंदिर में दर्शन करने पर रोक लगा दी। इससे पहले दोपहर तक दर्शन खुले हुए थे। कोरोना की माहमारी के चलते मंदिर ट्रस्ट प्रबंधन द्वारा दो दिन से एहतियात बतौर श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश सीमित समय के लिए दिया जा रहा था। मुख्य गेट दर्शन आरती के समय ही खोले जा रहे थे। इस कारण श्रद्धालुओं की भीड़ मुख्यगेट के आगे जमा हो कर मंदिर गेट खुलने का इंतजार करती। मंदिर के मुख्य रास्ते में संकरी गली होने से गेट के आगे श्रद्धालुओं की खचाखच भरी स्थिति संक्रमण का खतरा बढ़ा रही थी। फिर सरकार ने 20 से अधिक लोगों के एक साथ एकत्र होने पर भी पाबंदी लगा दी। इन सब कारणों के मद्देनजर मदनमोहनजी के दर्शन भी आमजन को बंद हो
गए हैं।