जयपुर की मुहाना मंडी में 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 10,000 किलो सड़े-गले फल और एक्सपायरी खजूर नष्ट करवाए गए।
भीषण गर्मी के बीच आपकी सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। जयपुर की सबसे बड़ी मुहाना मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी करते हुए करीब 10,000 किलो (10 टन) जहरीले हो चुके फल और एक्सपायरी खजूर को नष्ट करवाया है। आयुक्त डॉक्टर टी शुभमंगला के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई ने राजधानी के फल बाजार में हड़कंप मचा दिया है।
शुक्रवार सुबह जब फूड सेफ्टी टीम मुहाना मंडी स्थित 'मैसर्स अरावली ट्रेड विजन' कोल्ड स्टोरेज पहुँची, तो वहां का नजारा देख अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। कोल्ड स्टोरेज के भीतर करीब 8500 किलो सड़े-गले, बदबूदार और फंगस लगे हुए सेब, अंगूर, अनार और संतरे मिले।
एक्सपायरी खजूर: इसके साथ ही 1500 किलो ऐसे खजूर पाए गए जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी और जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक थे।
टीम ने जब मौके पर व्यापारियों को बुलाया और उनसे पूछताछ की, तो बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया।
CMHO जयपुर द्वितीय डॉक्टर मनीष मित्तल और अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह के नेतृत्व में केंद्रीय दल और संयुक्त टीम ने तुरंत एक्शन लिया। टीम ने पाया कि ये फल पूरी तरह दूषित हैं और इन्हें किसी भी हाल में खाने लायक नहीं बनाया जा सकता।
जनहित को ध्यान में रखते हुए 10,000 किलो फलों को तुरंत मंडी के डंपिंग यार्ड में ले जाकर नष्ट करवाया गया। संबंधित व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act) के तहत उन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई के दौरान टीम ने आम के गोदामों का भी निरीक्षण किया। यहाँ राहत की बात यह रही कि आम पकाने के लिए 'अप्रूव्ड इथाईलीन' का उपयोग हो रहा था। टीम ने व्यापार संघ के साथ बैठक कर उन्हें इथाईलीन के सही इस्तेमाल की तकनीक समझाई और पाबंद किया कि भविष्य में सड़े फलों की बिक्री न हो।
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद शर्मा, देवेंद्र राणावत, अमित शर्मा, लोकेश शर्मा, सुशील चोटवानी, विनोद थारवान, रमेश यादव, नंद किशोर कुमावत, अवधेश गुप्ता, नरेश चेजारा एवं विशाल मित्तल शामिल रहे।