घर घर सर्वे करने की वजह से आशा सहयोगिनियां अन्य चिकित्सकीय कार्य नहीं कर पा रही थी, इसके चलते चिकित्सा विभाग ने प्रोत्साहन राशि रोक ली थी
जयपुर. कोरोना संकट के समय घर घर सर्वे कर रही आशा सहयोगिनियों को आखिर उनकी मेहनत का फल मिल ही गया। कोरोना संक्रमण के चलते आशा सहयोगिनियों को चिकित्सा विभाग ने घर घर सर्वे में लगा दिया था। ऐसे में आशाएं अन्य चिकित्सकीय कार्य नहीं कर पा रही थी। इसके चलते चिकित्सा विभाग की ओर से मिलने वाली मासिक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया।
आशा सहयोगिनियों के इस मुद्दे को राजस्थान पत्रिका ने 'आशा सहयोगिनियों को नहीं मिली प्रोत्साहन राशि' शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित हुई तो चिकित्सा विभाग हरकत में आया और प्रदेशभर में कार्य कर रहीं सहयोगिनों को प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया।
सर्वे की भी दी जाएगी राशी
विभाग की ओर से मासिक प्रोत्साहन राशि का भुगतान कर दिया गया है। खास बात यह है कि विभाग की ओर से इन आशा सहयोगिनियों को कोरोना संक्रमण का घर घर सर्वे करने के लिए भी अलग से भुगतान किया जाएगा। गौरतलब है कि आशा सहयोगिनियों को अल्पमानदेय मिलता है, वहीं सर्वे के दौरान कई सहयोगिनियां कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुकी हैं। इसके बावजूद उन्हें सर्वे के लिए अलग से भुगतान नहीं किया जा रहा था, लेकिन अब विभाग इसका भी शीघ्र भुगतान करेगा।