नशा करवाने के लिए इंजेक्शन सप्लाई करना एनडीपीएस एक्ट के दायरे से बाहर
जयपुर। राजधानी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस कार्रवाई के दौरान कानून भी आड़े आ रहा है। गौर करने वाली बात है कि विद्याधर नगर में क्राइम ब्रांच ने अवैध नशीले इंजेक्शनों की सप्लाई करने के मामले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नशे में उपयोग लिए जाने वाले 895 सीलबंद इंजेक्शन बरामद किए गए। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल के मार्गदर्शन में तथा विशेष पुलिस आयुक्त (ऑपरेशन्स) राहुल प्रकाश के निर्देशन में की गई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त अवैध रूप से नशीले इंजेक्शनों का संग्रहण कर उन्हें कच्ची बस्तियों और गंदे नालों के आसपास बसी बस्तियों में रहने वाले नशा करने वाले लोगों तक चोरी-छिपे पहुंचाते थे। इन बस्तियों में नाबालिग बच्चों को भी इंजेक्शन लगाकर नशे की लत लगाई जाती थी। इसके बावजूद यह मामला एनडीपीएस एक्ट के दायरे में नहीं आता है।
पुलिस का कहना है कि औषधि नियंत्रक की कार्रवाई भी मेडिकल दुकानदारों के खिलाफ प्रायः इसी बात तक सीमित रहती है कि दुकानदार ने बिना बिल के इंजेक्शन बेचे हैं या नहीं। इसी कारण इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को थाने से ही जमानत पर छोड़ना पड़ा।
भेजा जाएगा प्रस्ताव
नशा करवाने के लिए एविल इंजेक्शन की सप्लाई को फिलहाल एनडीपीएस एक्ट के दायरे में नहीं माना जाता है। युवाओं और नाबालिगों को सस्ता नशा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए ऐसे मामलों को एनडीपीएस एक्ट के दायरे में लाने का प्रस्ताव संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा।
राहुल प्रकाश, स्पेशल पुलिस कमिश्नर