
भवनेश गुप्ता
जयपुर। मौसम में नमी (ह्यूमिडिटी) के कारण शहर में बिजली गुल होने का आंकड़ा बढ़ गया है। बारिश के बीच नमी बढ़ने के कारण लगातार फॉल्ट बढ़ रहे हैं। हालात यह है कि एक ही इलाके में दिन में 4 से 5 बार बिजली गुल हो रही है। यह स्थिति रात में ज्यादा बढ़ती जा रही है। पिछले दस दिन में ऐसे मामले 1300 से ज्यादा हैं। अफसरों का तर्क है कि फॉल्ट व ट्रिपिंग बढ़ने का कारण केवल विद्युत लोड बढ़ना ही नहीं है। मानसून में बिजली खपत और विद्युत लोड घटने के बावजूद फॉल्ट बढ़े हैं। जयपुर डिस्कॉम प्रशासन ने ऐसे मामलों को कम करने के लिए ट्रांसफार्मर और विद्युत लाइनों में पानी जाने से रोकने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
इस तरह हो रहे फॉल्ट
विभागीय अफसरों के मुताबिक मानसून के दौरान हवा में नमी की मात्रा 90 से 95 प्रतिशत तक हो जाती है। हवा में इन्सोलेशन (सूर्यताप) लेवल कम और कनेडेक्टिविटी (चालकता) बढ़ जाती है। बिजली की एलटी लाइन में एक इंसूलेटर लगा होता है। नमी के कारण इस इंसूलेटर में नमी आ जाती है और लाइन में फॉल्ट होता है। स्पार्किंग की समस्या भी बढ़ जाती है। नमी की वजह से पिछले दस दिनों में टेक्निकल फॉल्ट की संख्या तीन गुना बढ़ गई है।
दिन————फॉल्ट
25 जुलाई— 1100
26 जुलाई— 1525
27 जुलाई— 800
28 जुलाई— 925
29 जुलाई— 815
30 जुलाई— 825
31 जुलाई— 1150
1 अगस्त— 710
2 अगस्त— 870
3 अगस्त— 690
(इसमें बिजली बंद, करंट और फॉल्ट समस्या शामिल है)
पिछले एक साल में 523 नए ट्रांसफार्मर लगाए
जयपुर सिटी सर्किल में 983 फीडर और 15340 ट्रांसफार्मर हैं। 857 फीडर की मेंटीनेंस और 523 नए ट्रांसफार्मर लगाए। 11 केवी की 80 प्रतिशत लाइनें भूमिगत हैं। इनके अलावा एलटी के पिलर में केबल चैक करने का काम भी चला।
इन 9 माध्यम से दर्ज करा सकते हैं शिकायत
-टोल फ्री नम्बर 18001806507
-लैंडलाइन टेलीफोन नम्बर 2203000
-1912 नम्बर पर शिकायत भेजें
-9414037085 मोबाइल नम्बर मैसेज से शिकायत होगी दर्ज
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