जयपुर

राजधानी में सुरक्षित नहीं महिलाएं! महिला सुरक्षा का सच दिखाते युवतियों से मारपीट और दुष्कर्म के तीन नए मामले दर्ज

खोहनागोरियान, हरमाड़ा और प्रताप नगर में युवतियों से मारपीट और दुष्कर्म के मामले,महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा अपने ही रिश्तेदारों, पड़ौसियों और दोस्तों
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Updated: 20 Jan 2018, 12:54 PM IST
Cases increase of molestation and misbehavior by women in Jaipur Woman Safety in Rajasthan and Jaipur

जयपुर। सरकार और प्रशासन जितना महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रयास कर रहे है उतने ही महिलाओं के साथ अपराध बढ़ते जा रहे है। वहीं महिलाओं के साथ बढ़ते अपराध बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तीकरण की बात करने वाली सरकार के दावों की पोल खोलते नजर आ रहे है। आजकल हर उम्र की महिलाएं छेड़छाड़, मारपीट और दुष्कर्म का शिकार हो रही है। लेकिन सच्चाई यहीं है कि महिलाओं और लड़कियों को सबसे ज्यादा खतरा अपने ही रिश्तेदारों, पड़ौसियों और दोस्तों से है। शहर में खोहनागोरियान, हरमाड़ा और प्रताप नगर में युवतियों से मारपीट करने और बलात्कार करने के तीन नए मामले सामने आए हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। तीनों मामले नामजद बदमाशों के खिलाफ दर्ज कराए गए हैं।

पहला मामला प्रताप नगर थाने में दर्ज किया गया है। प्रताप नगर थाने में दर्ज मामले में पुलिस ने बताया कि विज्ञान नगर निवासी एक किशोरी अपने घर पर अकेली थी। इसी दौरान पास ही रहने वाले दो युवक ईस्लाम खान और नेहरु किशोरी के घर आ गए और उसके साथ मारपीट की। साथ ही रेप करने की कोशिश की। पीडि़ता ने प्रताप नगर थने में मामला दर्ज कराया है।

वहीं खोह नागोरियान थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती ने अफजल नाम के एक युवक पर शादी करने का झांसा देकर कई बार देह शोषण करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तीसरा मामला हरमाड़ा इलाके का है। हरमाड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने तीन युवकों के खिलाफ आरोप लगाया है कि तीनों ने उसका कार में अपहरण किया। चलती कार में उसके कपड़े फाड़ डाले और उसके साथ कार में बदतमीजी की। कुछ देर बार उसे चलती कार से धकेल कर तीनों फरार हो गए। पीडि़ता ने तीन नामजद युवकों पर मामला दर्ज कराया है। हांलाकि पुलिस इसे आपसी रंजिश मान रही है।

आपको बता दें कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते आजकल के ये सभी मामले महिला सुरक्षा की जमीनी हकीकत को बयां करते है। अब यह सरकार और प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है या फिर लोगों में जागरुकता का..यह कहना मुश्किल है लेकिन महिलाओं के साथ लगातार हो रहे अपराध मानवता को शर्मसार करने के लिए काफी है। आए दिन होने वाले हादसों ने ना केवल राजधानी के लोगों के दिलों में दहशत फैला दी है बल्कि महिलाओं के साथ होने वाले दुष्कर्मों ने महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए है।

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