MP Kirodi Lal Meena dharna against Gehlot gov in front Police station : मंत्री-अफसर पर एफआईआर की मांग पर अड़े सांसद किरोड़ी, पुलिस थाने के बाहर धरने पर बिताई रात, सुबह उठकर किया योग
जयपुर।
गहलोत सरकार में जल जीवन मिशन प्रोजेक्ट के कथित भ्रष्टाचार पर भाजपा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा का धरना आज दूसरे दिन भी जारी है। सांसद ने जयपुर के अशोक नगर पुलिस थाने के बाहर ही धरना स्थल पर रात बिताई। यही नहीं, सुबह उठने पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग भी धरना स्थल पर ही किया।
गौरतलब है कि सांसद मीणा ने सरकार के खिलाफ जेजेएम मिशन में 20 हज़ार करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। इसी मामले की एफआईआर दर्ज कराने के लिए मंगलवार को सांसद अशोक नगर थाने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इससे नाराज़ सांसद थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। पुलिस अफसरों की समझाइश के बाद भी वे नहीं माने और पूरी रात धरने पर ही बैठे रहे।
मंत्री-अफसर के खिलाफ एफआईआर की मांग
सांसद किरोड़ी लाल मीणा जेजेएम प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी और एसीएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। वे इस मांग पर शिकायतकर्ता टीएन शर्मा को साथ लेकर धरने पर बैठे हुए हैं।
'सरकार की कथनी और करनी में अंतर है'
सांसद किरोड़ी मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं, हमारे शासन में हर फरियादी की एफआईआर दर्ज होती है। मैं केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन में राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम-2012 के सेक्शन-17 के उल्लंघन का मामला दर्ज कराने अशोक नगर थाने आया था, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इससे साफ है कि राज्य सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हो जाती तब तक धरने पर बैठा हूं।
ये है आरोप-
सांसद डॉ किरोडी मीणा का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत दो कंपनियों ने फेक और फैब्रिकेटेड डॉक्यूमेंट के सहारे 900 करोड़ रुपए के सरकारी काम लिए हैं। इस तरह के फर्जी दस्तावेज के आधार पर 40 से ज्यादा प्रोजेक्ट लिए गए हैं।