राजस्थान की मंडियों में इन दिनों सरसों सीड की दैनिक आवक बढ़कर लगभग दुगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इस समय प्रदेश की मंडियों में करीब 85 हजार बोरी की आवक हो रही है।
राजस्थान की मंडियों में इन दिनों सरसों सीड की दैनिक आवक बढ़कर लगभग दुगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इस समय प्रदेश की मंडियों में करीब 85 हजार बोरी की आवक हो रही है। मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और हरियाणा की मंडियों में 30—30 हजार बोरी की आवक हो रही है, जबकि गुजरात में 10 हजार और देश के अन्य राज्यों में करीब 65 हजार बोरी की अवक हो रही है। वर्तमान में देशभर में कुल 2.50 लाख बोरी की आवक हो रही हे। प्रदेश की स्थानीय मंडी भरतपुर में प्रतिदिन 5000 बोरी सरसों उतर रही थी, जो कि अचानक बढ़कर 7000 बोरी हो गई है। खेरली मंडी में 3500 बोरी से बढ़कर 5000 बोरी तथा खैरथल मंडी में 3000 से बढ़कर 5000 बोरी सरसों रोजाना आने लगी है। जानकारों के मुताबिक बारिश अच्छी होने से आगे बिजाई के आसार भी बेहतर बनेंगे। इस कारण किसान अपना माल मंडियों में ला रहा है। हालांकि सरसों मिल डिलीवरी 42 प्रतिशत तेल कंडीशन के भाव आज 6700 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास आ गए।
यह भी पढ़े: 35 रुपए लीटर घटनी चाहिए पेट्रोल-डीजल की कीमतें
देश में सरसों का उत्पादन 81 लाख टन
मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के अनिल चतर ने कहा कि पूर्व में देश में सरसों का उत्पादन अनुमान 87.50 लाख टन आंका गया था, जो कि अब यह रिवाईज होकर 81 लाख टन रह गया है। ऐसी स्थिति में सरसों की कीमतों में मंदी नहीं आएगी। गौरतलब है कि दिवाली के आसपास सरसों की बिजाई शुरू होगी तथा नई सरसों फरवरी मार्च से पहले नहीं आएगी। परिणामस्वरूप में सरसों व सरसों तेल में मंदी के आसार समाप्त हो गए हैं।