
अरविंद केजरीवाल फोटो- एएनआई, अभिजीत दिपके फोटो- पत्रिका
Abhijeet Dipke News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर सोमवार कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे। जब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके कार्यक्रम में पहुंचे तो समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने उनके साथ अभद्रता की और थप्पड़ मार दिए। घटना के बाद दिपके ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कहा कि उनके ऊपर शारीरिक हमला किया गया, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि वे गांधी और आंबेडकर के विचारों में विश्वास रखते हैं तथा शांति और संविधान के रास्ते पर संघर्ष जारी रखेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों और अभिजीत दिपके की लोकप्रियता के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे भी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरह आंदोलन से राजनीति की ओर बढ़ रहे हैं? पत्रिका ने अभिजीत दिपके से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने सवालों के बेबाकी से जवाब दिए। उन्होंने कहा कि राजनेताओं ने युवाओं की नहीं सुनी, इसलिए सड़क पर उतरना पड़ा।
आप खुद को आंदोलनकारी मानते हैं या भविष्य के राजनेता? इस सवाल के जवाब में अभिजीत दिपके बोले कि सबसे पहले युवाओं की आवाज मानता हूं। राजनीति और आंदोलन को मैं अलग-अलग नहीं देखता। वर्षों तक हमने व्यवस्था के भीतर रहकर अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन जब युवाओं की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया तो सड़क पर उतरना पड़ा। अभिजीत दिपके के जवाब से साफ संकेत मिलता है कि वे भविष्य में सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं, हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं की है।
जयपुर के शहीद स्मारक पर सोमवार को हुए सीजेपी के प्रदर्शन प्रदर्शन में सिर्फ राजनीतिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि अपने बच्चों और भाई-बहनों के भविष्य को लेकर चिंतित अभिभावक, छात्र और युवा भी बड़ी संख्या में पहुंचे। राज्य के विभिन्न जिलों से लोग प्रदर्शन में शामिल होने आए। लोगों का कहना था कि बार-बार सामने आ रहे पेपरलीक के मामलों ने छात्रों की मेहनत और परीक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नीट परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शन के दौरान अपनी आपबीती बयां की।
शिक्षिका इंजीला ने कहा कि पेपरलीक की खबरों के बाद उनकी बहन मानसिक तनाव से गुजर रही है। वह अपनी बहन और हजारों छात्रों की आवाज उठाने के लिए प्रदर्शन में शामिल हुई हैं। वहीं, यूपीएससी की तैयारी कर रहीं गार्गी शर्मा ने कहा कि आज युवाओं को पढ़ाई से ज्यादा व्यवस्था की खामियों से जूझना पड़ रहा है। कभी पेपरलीक होता है तो कभी भर्ती प्रक्रिया अटक जाती है।
सांगानेर निवासी वीरेंद्र ने कहा कि उनका बेटा कई वर्षों से नीट की तैयारी कर रहा है। परीक्षा के बाद जब पेपरलीक की खबरें सामने आईं तो वह पूरी तरह निराश हो गया।
सवाई माधोपुर से आई खुशी ने बताया कि वह सुबह सात बजे घर से निकलकर सीधे जयपुर प्रदर्शन में पहुंची। उनकी बहन ने भी नीट परीक्षा दी थी और पेपरलीक की खबरों ने उसका मनोबल तोड़ दिया है।
Updated on:
16 Jun 2026 04:00 pm
Published on:
16 Jun 2026 03:54 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
