
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता पंकज मीणा ने कहा कि राजस्थान के किसानों ने अपनी मेहनत से सरसों की रिकॉर्ड पैदावार की है, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार किसानों की मेहनत पर पानी फेरना चाहती है। फसल को मंडी में आए 20 दिन से अधिक हो गए, परंतु राज्य सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल कर बैठी है।
मीणा ने कहा कि राज्य के ज्यादातर स्थानों पर खरीद प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की गई। जहा खरीदना शुरू कर दिया है, वहां कर्मचारी बारदाना कम होने का हवाला देकर नाममात्र की ही खरीदारी कर रहे है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की व्यवस्था से लगता है कि उनकी नीयत में खोट है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार बदनीयती से किसानों की सरसों नहीं खरीद रही है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों खरीद के लिए केंद्र सरकार ने एक माह पहले ही स्वीकृति दे दी थी। फिर भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य के किसानों को बरगला रहे हैं और अब बारदाना कम होने का बहाना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में इस वर्ष 40,85,500 मीट्रिक टन सरसों का उत्पादन हुआ है। केंद्र सरकार ने समय पूर्व ही कुल उत्पादन की 25 प्रतिशत सरसों न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की स्वीकृति दे दी थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजनीतिक लाभ के लिए किसानों को बरगलाकर 40 प्रतिशत खरीद की बात कर रहे हैं।