सर्दी बढ़ने के साथ ही सरसों सीड एवं सरसों तेल की कीमतों में फिर तेजी का दौर देखा जा रहा है। सरसों मिल डिलीवरी 42 प्रतिशत तेल कंडीशन के भाव 100 रुपए और उछलकर 6850 रुपए प्रति क्विंटल पर जा पहुंचे है।
सर्दी बढ़ने के साथ ही सरसों सीड एवं सरसों तेल की कीमतों में फिर तेजी का दौर देखा जा रहा है। सरसों मिल डिलीवरी 42 प्रतिशत तेल कंडीशन के भाव 100 रुपए और उछलकर 6850 रुपए प्रति क्विंटल पर जा पहुंचे है। समर्थन पाकर एगमार्क सरसों तेल भी महंगा हो गया है। सरसों तेल के राजस्थान के वितरक अतुल अग्रवाल ने बताया कि उपभोक्ता मांग निकलने से सोयाबीन एवं सरसों तेल के भाव वर्तमान में लगातार उछल रहे हैं। गौरतलब है कि भारत में त्योहारी सीजन में खाने के तेलों की मांग बढ़ने के कारण पाम तेल उत्पादों में आयात बढ़ने की संभावना से मलेशिया में दाम उछल गए हैं। परिणामस्वरूप घरेलू बाजार में भी इनकी कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। मगर फिलहाल लंबी तेजी के आसार नहीं हैं।
आवक घटकर एक लाख बोरी पहुंची
देश भर की उत्पादक मंडियों में सरसों की दैनिक आवक घटकर एक लाख बोरी के आसपास रह गई। इसी साल 15 सितंबर के आसपास 42 प्रतिशत तेल कंडीशन सरसों के भाव 6475 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास थे, जबकि डेढ़ माह के अंतराल में करीब 400 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है। इस बीच राजस्थान, हरियाणा, पंजाब एवं उत्तर प्रदेश में सरसों की बिजाई शुरू हो गई है। जानकारों के मुताबिक सरसों की फसल को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है। सरसों की फसल के लिए इन दिनों कई प्रकार के हाइब्रिड एवं उन्न्त किस्मों के बीज बाजार में उपलब्ध हैं। सरसों की फसल के बीज वैसे तो बहुत महंगे दामों में मिलते हैं। मगर किसान हाइब्रिड बीजों का प्रयोग करके अच्छी पैदावार ले सकता है।