राज्य में रिक्त चल रहे तहसीलदारों (Tehsildars) के 60 प्रतिशत पदों तथा उपपंजीयक (Deputy Registrar) के 78 प्रतिशत पदों को भरने के लिए राज्य सरकार (State government) ने नायब से तहसीलदार के पद होने वाली डीपीसी (DPC) में अनुभव की सीमा को घटा दिया है। राजस्व मंडल (Board of Revenue) के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।
अजमेर। राज्य में रिक्त चल रहे तहसीलदारों (Tehsildars) के 60 प्रतिशत पदों तथा उपपंजीयक (Deputy Registrar) के 78 प्रतिशत पदों को भरने के लिए राज्य सरकार (State government) ने नायब से तहसीलदार के पद होने वाली डीपीसी (DPC) में अनुभव की सीमा को घटा दिया है। राजस्व मंडल (Board of Revenue) के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है।
राजस्व मंडल ने करीब चार साल पूर्व राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजा था कि तीन साल का अनुभव रखने वाले नायब तहसीलदार को विभागीय पदोन्नति के जरिए तहसीलदार पद पर पदोन्नत किया जाए। इसके लिए अनुभव सीमा 5 से घटाकर 3 साल की जाए। मंगलवार को इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में अनुभव के लिए 2 वर्ष की शिथिलता का निर्णय लिया गया। नए नियमों से डीपीसी के बाद 56 नायब तहसीलदारों को पदोन्नत कर तहसीलदार बनाया जाएगा। इससे 56 तहसीलों को तहसीलदार मिल सकेंगे। राजस्व मंडल नॉन फील्ड काम कर रहे 50 तहसीदारों को फील्ड में हटाकर तहसीलों में लगाएगा। सरकार वरिष्ठ गिरदावरों को भी नायब तहसीलदार के पद पर जिलों में लगा सकती है।
128 पदों पर भर्ती प्रक्रिया अटकी
आरपीएससी के जरिए 128 नायब तहसीलदारों की भर्ती की जा रही है। इसके लिए प्री व मुख्य परीक्षा का आयोजन हो चुका है, लेकिन कोरोना के कारण इनके साक्षात्कार नहीं हो पा रहे है। यह प्रक्रिया कब पूरी होगी यह बताने वाला कोई नहीं है।
तहसीलदारों के 60 प्रतिशत पद रिक्त
राज्य में तहसीलदार के कुल पद (फील्ड एंव नॉन फील्ड) 670 हैं। इनमें से 266 पदों पर तहसीलदार कार्यरत हैं, जबकि 404 पद रिक्त हैं। देखा जाए तो तहसीलदारों के 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं। तहसीलदार संवर्ग में ही शामिल उपपंजीयकों के कु ल पद 114 हैं। इनमें से केवल 25 ही कार्यकरत हैं। जबकि 89 पद खाली है। 78 प्रतिशत पद रिक्त है। नायब तहसीलदार के कुल पद (फील्ड एंव नॉन फील्ड) 971 हैं। इनमें से 509 ही भरे हुए हैं, जबकि 462 पद खाली है। नायब तहसीलदारों के 51 प्रतिशत पद रिक्त है।