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Northern Ring Road Project: जयपुर/बस्सी। जयपुर जिले की बहुप्रतीक्षित उत्तरी रिंग रोड परियोजना अब जमीन पर उतरती नजर आने लगी है। प्रशासन ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए भूमि अवाप्ति प्रक्रिया तेज कर दी है। सक्षम प्राधिकारी (भूमि अवाप्ति) जयपुर रिंग रोड (उत्तर) की ओर से आदेश जारी कर संबंधित तहसीलों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
परियोजना के तहत रिंग रोड बस्सी, जमवारामगढ़, सांगानेर, मौजमाबाद, जोबनेर, कालवाड़, जालसू, रामपुरा डाबड़ी, चौमूं और आमेर तहसीलों से होकर गुजरेगा। प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड करीब 100 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य जयपुर शहर के चारों ओर मजबूत यातायात परिधि तैयार करना है, ताकि शहर के भीतर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम किया जा सके। वर्तमान में रिंग रोड का दक्षिणी हिस्सा चालू है और वहां वाहनों की आवाजाही सुचारू रूप से हो रही है।
अब उत्तरी हिस्से के निर्माण के बाद जयपुर का रिंग रोड नेटवर्क लगभग पूर्ण हो जाएगा। शहर को जाम से मिलेगी राहतः उत्तरी रिंग रोड बनने के बाद जयपुर शहर में भारी वाहनों का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। बाहरी क्षेत्रों से आने वाले ट्रक और बड़े वाहन बिना शहर में प्रवेश किए सीधे अपने मार्ग पर आगे बढ़ सकेंगे।
इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक जाम कम होगा, समय और ईंधन की बचत होगी तथा प्रदूषण स्तर में भी कमी आने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना जयपुर के यातायात प्रबंधन के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। शहर के अंदर यातायात सुगम होने से आमजन को राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आ सकती है।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 की धारा 3 (डी) के तहत भूमि अवाप्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत संबंधित क्षेत्रों में भूमि सत्यापन, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों की जांच की जाएगी। पटवारी हल्का स्तर पर रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिन्हें उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके अलावा तकनीकी टीम, भू-अभिलेख निरीक्षक और पटवारी संयुक्त रूप से मौके पर सर्वे करेंगे। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी दस्तावेज और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजना में किसी प्रकार की देरी न हो।
बस्सी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह परियोजना विकास के नए अवसर लेकर आ सकती है। रिंग रोड के आसपास औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, सड़क संपर्क बेहतर होने से क्षेत्र में निवेश और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। भूमि की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना के चलते ग्रामीणों में उत्साह भी देखा जा रहा है। हालांकि कुछ किसानों और स्थानीय निवासियों में भूमि अधिग्रहण को लेकर चिंता भी बनी हुई है।
सक्षम प्राधिकारी (भूमि अवाप्ति) एवं अतिरिक्त कलक्टर-द्वितीय मेवाराम सिंह मीणा ने बताया कि उत्तरी रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अवाप्ति प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश
दिए जा चुके हैं और समयबद्ध तरीके से सर्वेक्षण व सत्यापन कार्य पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई।
Updated on:
20 May 2026 10:23 am
Published on:
20 May 2026 09:47 am
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