राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत मुफ्त राशन पा रहे सक्षम व्यक्तियों से स्वेच्छा से अपना नाम हटवाने की अपील की है।
जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा 'गिव अप' अभियान शुरू किया गया है, जिसके तहत सक्षम व्यक्ति स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवा सकता है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा ने इस सम्बंध में अपील की है कि सक्षम व्यक्ति समाज के गरीब भाई-बहिन व उनके परिवार के लिए योजना के लाभ को गिव अप कर गरीब कल्याण में अपनी भूमिका निभाएं।
गोदारा ने बताया कि सक्षम होने की वजह से स्वयं अपना नाम हटवाएं ताकि गरीब, पात्र को उनके हिस्से का अन्न मिल सके। गरीब कल्याण की भावना को साकार करने के परिप्रेक्ष्य में गिव अप करने वाले के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। गिव अप अभियान में स्वेच्छा से अपना योगदान देते हुए भागीदार बनकर भविष्य की कार्रवाई से बचें एवं आजादी के अमृतकाल में 'कोई भूखा ना सोए' के राज्य सरकार के सपनों को साकार करें।
राजस्थान सरकार जल्द ही चौपहिया वाहन मालिकों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की सूची से हटाने के लिए सख्त कदम उठाने जा रही है। इसको लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने राजस्थान के परिवहन विभाग को पत्र लिखा है। इसमें ट्रेक्टर और वाणिज्य श्रेणी के वाहनों को छोड़ कर प्रदेश के समस्त चौपहिया वाहन मालिकों के आधार कार्ड का ब्यौरा मांगा है। आधार कार्ड के माध्यम से इन लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर निकाला जाएगा।
जानकारी के अनुसार प्रदेश में सरकार के पास अपात्र लोगों के नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सूची में जुड़े होने की शिकायतें पहुंच रही थी। इनके इस योजना से जुड़े होने के कारण पात्र लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। इसको ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस बार ये कदम उठाया है। ताकि अपात्रों के नाम सूची से हटाकर पात्र लोगों के जोड़ें जाएं ताकि वे सरकार की योजना का लाभ उठा सकें।