
जयपुर। री-नीट 2026 में मोबाइल और चैटजीपीटी (AI) की मदद से नकल करने के मामले में महानगर मजिस्ट्रेट मनीषा शर्मा ने आरोपी छात्रा हिमांशी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बिंदायका की केंद्राधीक्षक अलका गर्ग ने इस मामले में एफआइआर दर्ज करवाई थी। परीक्षा के दौरान ड्यूटी पर तैनात महिला वीक्षक पार्वती देवी और सुशीला देवी ने हिमांशी को परीक्षा केंद्र के भीतर रंगे हाथों पकड़ा था।
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आरोपी छात्रा परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश कर गई थी, जिसके बाद उसने प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर एआइ टूल से उत्तर ढूंढ़ने का प्रयास किया। अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता से खिलवाड़ का यह प्रयास बेहद गंभीर है। मामले में अभी गहन जांच चल रही है, इसलिए ऐसे तकनीकी अपराध में आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
जमानत अर्जी में अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी छात्रा नवयुवती है और उसे मामले की गंभीरता की जानकारी नहीं थी। इसके अलावा उसके कब्जे से नीट प्रश्न पत्र से जुड़ी किसी तरह की सामग्री नहीं मिली है। उससे पूछताछ भी पूरी हो चुकी है। ऐसे में उसके भविष्य को देखते हुए उसे आगे न्यायिक अभिरक्षा में नहीं रखा जाए। विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से कहा गया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे जमानत नहीं दी जाए, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने आरोपी छात्रा को जमानत देने से इनकार कर दिया है।
आरोपी छात्रा हिमांशी तिवाड़ी गुर्जर की थड़ी की रहने वाली है। बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र में रविवार को एक छात्रा को एग्जाम देने के दौरान मोबाइल से चीटिंग की कोशिश करते पकड़ा गया था। एग्जाम हॉल में मौजूद टीचर को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उन्होंने उसे पकड़ लिया।
इससे पहले पुलिस पूछताछ में छात्रा ने बताया था कि वह परीक्षा के दौरान एआई की मदद से सवालों के जवाब खोजने के लिए मोबाइल लेकर आई थी। परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने मोबाइल जब्त कर पुलिस के हवाले कर दिया। परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले छात्रा के पास मिले मोबाइल में नीट के प्रश्नपत्र की तस्वीरें भी मिली हैं। परीक्षा केंद्र के आसपास जैमर सक्रिय होने के कारण वह तस्वीरें और अन्य जानकारी बाहर नहीं भेज सकी।