
इनमें से सबसे ज्यादा 21 लोगों को आंख में चोट लगी।जिन्हें पटाखे चलाते समय हुई लापरवाही का खाामियाजा भुगतना पड़ा और चोट लगने पर इलाज के लिए अस्पताल में पहुंचना पड़ा।
इनमें से 5 को गंभीर चोट लगने पर वार्ड में भर्ती करना पड़ा। अन्य 55 लोगों को इमरजेंसी में ही तुरंत उपचार और आवश्यक दवा देकर वापस भेज दिया गया।
इन्हें अधिक चोट नहीं लगी थी। वहीं 39 लोग जलने पर और 21 मरीज आंख में चोट लगने से पहुंचे। भर्ती मरीजों में 1 बर्न केस है व 4 को आंख में चोट लगी हैं।
अधिकत्तर लोगों को आंख में चोट पटाखे के उछल कर आंख में लगने से लगी। गलत तरीके से पटाखे चलाने और दूर से पटाखा नहीं चलाने पर पटाखे से लोगों का हाथ, आंख और चेहरा झुलस गया।
डॉ.जैन ने बताया कि दीपावली खुशियों का त्योहार है, लेकिन यह सुखद तभी होगा, जब तक आप स्वयं सावधानी बरतें।अस्पताल में घायल होकर पहुंचे अधिकत्तर केस वहीं थे, जो स्वयं की लापरवाही से घायल हुए। ऐसी ही छोटी छोटी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन जाते हैं।इसलिए सभी सावधानी बरतें।
SMS अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी में राउंड द क्लॉक चिकित्सक तैनात किए गए हैं। बर्न और प्लास्टिक सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, नेत्र व एनेस्थिसिया विभाग से जुड़े चिकित्सक इमरजेंसी में उपलब्ध हैं। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को 24 घंटे इलाज मिलेगा।