
जयपुर। नेक्सा एवरग्रीन निवेश धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 34.91 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अटैच किया है। ईडी के जयपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की। कुर्क संपत्तियों में करीब 29.37 करोड़ रुपए मूल्य की 69 अचल संपत्तियां और विभिन्न बैंक खातों में जमा 5.54 करोड़ रुपए शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला निवेशकों को धोलेरा स्मार्ट सिटी में जमीन और प्लॉटिंग परियोजनाओं में निवेश के नाम पर कथित तौर पर हजारों करोड़ रुपए जुटाने से जुड़ा है।
ईडी ने राजस्थान पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर और दाखिल चार्जशीट के आधार पर धनशोधन की जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि नेक्सा एवरग्रीन समूह से जुड़े लोगों ने गुजरात के धोलेरा में जमीन विकसित करने और प्लॉट आवंटित करने के नाम पर निवेशकों को आकर्षित किया। निवेश पर 60 सप्ताह तक हर सप्ताह तीन प्रतिशत रिटर्न देने या प्लॉट आवंटित करने का भरोसा दिया गया।
नए निवेशकों को जोड़ने के लिए रेफरल योजना भी चलाई गई। इसके तहत लोगों को अतिरिक्त कमीशन के साथ लैपटॉप, मोटरसाइकिल और कार जैसे पुरस्कार देने का लालच दिया गया। ईडी के अनुसार, जनवरी 2023 तक यह योजना चलती रही। इसके बाद साप्ताहिक भुगतान अचानक बंद कर दिए गए और वेबसाइट, मोबाइल एप्लिकेशन तथा कार्यालय भी बंद हो गए।
ईडी की जांच में रणवीर सिंह उर्फ रणवीर बिजारनिया और सुभाष चंद्र बिजनोरिया को कथित धोखाधड़ी के संचालन से जुड़ा प्रमुख व्यक्ति बताया गया है। एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2019 से 2023 के बीच समूह ने बड़ी संख्या में निवेशकों से करीब 2,676 करोड़ रुपए जुटाए।
कंपनी के सॉफ्टवेयर डेटा के विश्लेषण में 47,664 निवेशकों को उनकी जमा की गई रकम से कम राशि मिलने की बात सामने आई। इससे निवेशकों को कुल 932.54 करोड़ रुपए का अंतर या नुकसान हुआ। ईडी का आरोप है कि विभिन्न कंपनियों, एलएलपी और दूसरी कारोबारी संस्थाओं के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया गया। कुछ रकम का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को भुगतान करने और संपत्तियां खरीदने में किया गया।
कुर्क की गई 69 अचल संपत्तियों में गुजरात के अहमदाबाद जिले के धोलेरा और धांधुका में जमीन तथा आवासीय भूखंड, अहमदाबाद और सीकर में फ्लैट, सीकर में एक भूखंड और गोवा के कलंगुट स्थित शाइनिंग सैंड बीच रिसॉर्ट में 45 प्रतिशत हिस्सेदारी शामिल है।
ये संपत्तियां नेक्सा एवरग्रीन नेटवर्क से जुड़ी विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर हैं। इनमें नेक्सा एवरग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, नेक्सजेन एवरग्रीन एनर्जी एलएलपी, क्रिस्टल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स एलएलपी, कैम्ब्रिज बिल्डर्स एलएलपी और श्री शारदा नाथ इंफ्रा एलएलपी शामिल हैं। रणवीर सिंह, सुभाष चंद्र और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी संपत्तियां भी कार्रवाई के दायरे में आई हैं। इसके अलावा 26 बैंक खातों और सावधि जमा में रखे 5.54 करोड़ रुपए भी अस्थायी रूप से कुर्क किए गए हैं।