Coronavirus ।। कोरोना वायरस जैसी विश्वव्यापी महामारी से बचने के लिए देश में 21 दिनों के पाबंदियों के चलते प्रवासी मजदूरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर ही नहीं अन्य लोग भी देश के विभिन्न हिस्सों में फंस गए हैं और राजमार्गों के रास्ते सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने को मजबूर हैं।
कोरोना वायरस जैसी विश्वव्यापी महामारी से बचने के लिए देश में 21 दिनों के पाबंदियों के चलते प्रवासी मजदूरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूर ही नहीं अन्य लोग भी देश के विभिन्न हिस्सों में फंस गए हैं और राजमार्गों के रास्ते सैकड़ों किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने को मजबूर हैं। इस बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण (एनएचएआई) चेयरमैन और टोल ऑपरेटरों से आग्रह किया है कि वे राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रवासी मजदूरों व अन्य लोगों को भोजन, पानी और दूसरी जरूरी मदद मुहैया कराएं।
गडकरी ने ट्टीट कर कहा, 'मैंने एनएचएआई चेयरमैन और राजमार्ग टोल ऑपरेटरों को सलाह दी है कि वे मूल स्थानों की ओर जाने वाले प्रवासी श्रमिकों व नागरिकों को भोजन, पानी व अन्य सहायता मुहैया करने पर विचार करें'। उन्होंने ने कहा कि संकट के इस समय में हमें अपने साथी नागरिकों के लिए दयावान बनना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि टोल ऑपरेटर उनके आह्वान पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देंगे।
बतादें कि इससे पहले गडकरी ने एनएचएआई से कहा था कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली बंद कर दी जाए, ताकि आवश्यक वस्तुओं के परिवहन में आसानी हो। मंत्री ने कहा, ऐसे लोगों की असुविधा को कम करने के लिए टोल संग्रह रोक दिया गया है, जिन्हें आवश्यक सामानों और मरीजों को ले जाने वाले वाहनों के लिए स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू पास जारी किए हैं। उन्होंने लोगों से घर में रहने और कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए स्थानीय अधिकारियों की सलाह का पालन करने का आग्रह किया है।