जयपुर. पंजाब नेशनल बैंक के घोटले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी की चार कंपनियों की जैसलमेर में लगी हुई 12 विंड मिल इकाइयों को मुंबई से आई प्रवर्तन निदेशालय की विशेष टीम ने अपने कब्जे में कर अटैच कर दिया है।
जानकारी के अनुसार 52.80 करोड़ रुपये की लागत की इन 12 विंड मिल से करीब तीन से चार करोड़ रुपये की बिजली पैदा हो रही हैं। इनमें डायमंड आर.यू.एस, सोलार एक्पोर्ट, मिशल मर्चन्डाईसिंग प्राइवेट लिमिटेड व स्टेलर डायमंड की प्रत्येक 800 मेगावाट की 3-3 विंड मिल इकाइयों कुल 9.6 मेगावट की 12 विंड मिल इकाइयां जैसलमेर के आकल जोधा क्षेत्र में व भू कीता गांव के पास स्थापित हैं। नीरव मोदी की 4 कपंनियों की इन 12 विंड मिल ईकाईयों को एनरकोन इंडिया लिमिटेड वर्तमान में विंड वर्ल्ड कंपनी ने 2011 में स्थापित किया था जिस पर करीब 52.8 करोड़ रुपये का खर्चा आया था।
सूत्रों ने बताया कि बुधवार को मुंबई से आई विशेष टीम ने इन 12 विंड मिल की बकायदा फोटोग्राफी की एवं इन्हें अटैच किया। ई.डी के अधिकारिक सूत्रो ने भी इसकी पुष्टि की हैं तथा अपने ऑफीसीयल टिवटर एकाउंट में भी इस बात की जानकारी दी हैं। जैसलमेर अतिरिक्त जिला कलेकटर ओम प्रकाश विश्नोई ने बताया कि ई.डी की स्पेशल टीम के जैसलमेर आने के बारे में जिला प्रशासन के पास कोई जानकारी नहीं है और नही उन्होंने जिला प्रशासन से किसी प्रकार का कोई संपर्क नही किया था और ना ही पुलिस को कोई सूचना दी थी।