
जयपुर. दिल्ली-मुंबई मेट्रो की तरह जयपुर मेट्रो भी जल्दी ही ड्राइवर की सहायता के बिना दौड़ेगी। यह ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन से संभव होगा। इस मोड में मेट्रो की स्पीड तो बढ़ेगी ही, ट्रेन ऑपरेटर का स्टे्रस भी कम होगा। इसका सफलतापूर्वक ट्रायल किया जा चुका है और कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी मुंंबई (सीआरएस) को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। मंजूरी मिलने पर यह सुविधा मानसरोवर से चांदपोल स्टेशन पर संभवतया 2 महीने में चालू कर दी जाएगी। इस तकनीक के जरिए ट्रेन ऑपरेटर गाड़ी में सिर्फ गेट खोलने और बंद करने के लिए रहेंगे, जो निगरानी रखेंगे। इस प्रणाली को एग्जस्टिंग सिस्टम में अपग्रेड किया जाएगा। मेट्रो के 3 साल पूरे होने से पूर्व रात 10 से सुबह 5 बजे तक मेट्रो ऑटो मोड पर चलाई जा चुकी है।
नहीं छूटेगी ट्रेन, बढ़ेंगे फेरे
जनसंपर्क अधिकारी शरदकुमार ने बताया कि पहले सुबह साढे 6 से शाम 5 बजे तक मेट्रो एक से दूसरे स्टेशन पर जाने के लिए 15 मिनट के अंतराल में मिलती थी। यात्री इंतजार के कारण मेट्रो में यात्रा का आनंद नहीं ले पाते थे। लेकिन अब इस समय को सुबह साढे 6 से रात साढे 9 बजे तक करने एवं साथ ही इनके बीच अंतराल को भी 15 से घटाकर 10 मिनट करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे अब यात्रियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऐसे में मेट्रो के फेरे भी करीब 134 से 170 तक पहुंच जाएंगे। वहीं रफ्तार में भी 5 किमी प्रति घंटा की बढोतरी की जाएगी।
लोगों को है इंतजार
जयपुराइट्स बिना ड्राइवर के चलने वाली मेट्रो का आनंद लेने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यदि सब कुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द ही उनका यह सपना पूरा होने वाला है।
जेएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अश्विनी सक्सेना ने बताया कि मेट्रो के ऑटो मोड का ट्रायल हो चुका है, बस स्वीकृति का इन्तजार है। मेट्रो की 15 मिनट की समयावधि को 10 मिनट करने के लिए भी सीएमडी ने प्रस्ताव मंगवाया है।