जयपुर

North Western Railways : अब बेटिकट यात्रा वालों से वसूला जाएगा दोगुना जुर्माना, जानें क्या है नया बदलाव?

उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) सहित भारतीय रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 रुपये किया। राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, अजमेर, बीकानेर में नियम तत्काल प्रभाव से लागू।

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Jun 20, 2026
NWR Indian Railways Ticket Fine Doubled From 250 To 500 In Rajasthan Stations 2026
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भारतीय रेलवे ने अपने देशव्यापी टिकट चेकिंग अभियान और रेल परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। रेलवे प्रशासन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, बिना टिकट यात्रा करने वाले और रेलवे स्टेशनों पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले तत्वों पर नकेल कसने के लिए जुर्माने के पुराने नियमों में संशोधन किया गया है। इसके तहत पूर्व में निर्धारित न्यूनतम जुर्माने की 250 रुपए की राशि को सीधे 100% बढ़ाकर 500 रुपए किया गया है। यह नई व्यवस्था उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के सभी 4 रेल मंडलों- जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर में तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस नए नियम से न केवल बिना टिकट सफर करने वाले आदतन यात्रियों पर लगाम लगेगी, बल्कि स्टेशनों पर होने वाली अनावश्यक भीड़भाड़ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) का नया नियम

राजस्थान में रेलवे नेटवर्क का एक बहुत बड़ा हिस्सा उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के अधिकार क्षेत्र में आता है। हर दिन राज्य के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, और अलवर जैसे विभिन्न जिलों से लाखों लोग लोकल, पैसेंजर, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के माध्यम से सफर करते हैं। ऐसे में जुर्माने की राशि का 250 से बढ़कर सीधे 500 होना आम और दैनिक यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालेगा।

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी इस नए सर्कुलर के अनुसार, यदि कोई भी यात्री ट्रेन के भीतर या रेलवे स्टेशन परिसर (जैसे वेटिंग हॉल, फुट ओवर ब्रिज, प्लेटफॉर्म आदि) में बिना उचित टिकट के पाया जाता है, तो टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) उससे अब पुराने नियम के तहत 250 की बजाय न्यूनतम 500 का आर्थिक जुर्माना वसूल करेगा। इसके साथ ही, यात्रा की गई दूरी का वास्तविक रेल किराया भी अलग से देय होगा।

जुर्माने की राशि में 100% की बढ़ोतरी

रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले काफी समय से बिना टिकट यात्रा करने के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही थी। पूर्व में निर्धारित न्यूनतम जुर्माना राशि 250 बहुत से यात्रियों के लिए कोई बड़ा डर नहीं पैदा कर पा रही थी, जिसके कारण कई लोग जानबूझकर बिना टिकट या कम दूरी का टिकट लेकर लंबी दूरी की ट्रेनों के आरक्षित कोचों में सफर कर लेते थे।

इस प्रवृत्ति को पूरी तरह हतोत्साहित करने के लिए अब जुर्माने की न्यूनतम सीमा को 500 तय किया गया है। इसका मतलब यह है कि यदि कोई यात्री मात्र 20 मूल्य के टिकट के बिना भी पकड़ा जाता है, तो भी उसे कम से कम 500 का जुर्माना और तय किराया देना ही होगा। रेलवे का यह कड़ा वित्तीय दंड यात्रियों को टिकट काउंटर या ऑनलाइन माध्यमों से वैध टिकट खरीदकर ही स्टेशन में प्रवेश करने के लिए बाध्य करेगा।

Railway Platform - File PIC

इन तकनीकी गलतियों से बचना है जरूरी

भारतीय रेलवे ने साफ किया है कि यह बढ़ा हुआ जुर्माना सिर्फ उन लोगों पर ही नहीं लगेगा जिनके पास टिकट नहीं है, बल्कि कुछ अन्य तकनीकी गलतियों के कारण भी यात्रियों को 500 का यह भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

बिना टिकट यात्रा : यदि आपके पास जनरल, स्लीपर या एसी क्लास का कोई भी वैध यात्रा टिकट नहीं है और आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं।

अनियमित या अवैध टिकट : यदि आप सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में साधारण पैसेंजर ट्रेन का टिकट लेकर यात्रा कर रहे हैं, या फिर स्लीपर क्लास के टिकट पर बिना अपग्रेडेशन के थर्ड एसी या सेकंड एसी कोच में सफर करते पाए जाते हैं।

रियायती टिकट का दुरुपयोग: यदि कोई युवा यात्री वरिष्ठ नागरिक कोटे का या किसी अन्य दिव्यांग रियायती कोटे का फर्जी टिकट बनाकर सफर करता है और जांच के समय वैध आयु प्रमाण पत्र या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता है।

वेटिंग लिस्ट टिकट पर यात्रा: काउंटर से जारी वेटिंग टिकट को छोड़कर, यदि कोई यात्री आईआरसीटीसी (IRCTC) ऐप से बुक किए गए ऑनलाइन वेटिंग लिस्ट टिकट (E-Ticket) के स्वतः निरस्त होने पर भी आरक्षित डिब्बों में सफर करता पाया जाता है।

प्लेटफॉर्म टिकट को लेकर कड़े हुए नियम

इस नए नियम का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा प्लेटफॉर्म टिकट से जुड़ा हुआ है। आमतौर पर देखा जाता है कि लोग अपने रिश्तेदारों या मित्रों को ट्रेन में बैठाने या उन्हें स्टेशन से लेने के लिए बिना प्लेटफॉर्म टिकट खरीदे ही सीधे ट्रेनों के डिब्बों और प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच जाते हैं। इसके कारण मुख्य स्टेशनों पर अत्यधिक भीड़ हो जाती है, जिससे वास्तविक यात्रियों को अपनी ट्रेन पकड़ने और सामान ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

अब नई व्यवस्था के तहत यदि कोई भी व्यक्ति बिना प्लेटफॉर्म टिकट के स्टेशन परिसर के भीतर पाया जाता है, तो उसे भी बिना टिकट यात्री की श्रेणी में ही माना जाएगा। ऐसे व्यक्तियों से भी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और टिकट चेकिंग स्टाफ द्वारा मौके पर ही 500 का जुर्माना वसूला जाएगा। इसलिए अब परिजनों को स्टेशन छोड़ने आने वाले स्थानीय नागरिकों को भी पूरी तरह सतर्क रहकर अनिवार्य रूप से प्लेटफॉर्म टिकट खरीदना होगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे : विशेष चेकिंग अभियान की तैयारी

फोटो -(AI Generated)

आदेश जारी होने के तुरंत बाद उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के मुख्यालय जयपुर से सभी 4 प्रमुख रेल मंडलों के अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर रेल मंडलों के मुख्य स्टेशनों जैसे जयपुर जंक्शन, गांधीनगर जयपुर, जोधपुर जंक्शन, अजमेर जंक्शन, बीकानेर जंक्शन, आबू रोड और उदयपुर सिटी स्टेशनों पर फ्लाइंग स्क्वॉड और औचक टिकट चेकिंग टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।

आगामी दिनों में इन स्टेशनों के सभी निकास और प्रवेश द्वारों पर कड़ा पहरा रहेगा। इसके अतिरिक्त, चलती ट्रेनों के भीतर भी टीटीई की विशेष टीमें लगातार औचक निरीक्षण करेंगी। रेलवे प्रशासन का मुख्य फोकस उन ट्रेनों पर रहेगा जिनमें दैनिक यात्रियों की भीड़ ज्यादा होती है या जो लंबी दूरी की सुपरफास्ट ट्रेनें राजस्थान के मुख्य रूटों से होकर गुजरती हैं।

इन यात्रियों को रखना होगा विशेष ध्यान

राजस्थान के विभिन्न रूटों (जैसे जयपुर-अलवर, जयपुर-अजमेर, जोधपुर-बाड़मेर) पर प्रतिदिन नौकरी, व्यवसाय और शिक्षा के सिलसिले में अप-डाउन करने वाले दैनिक यात्रियों के लिए ये काम की खबर है। दरअसल, दैनिक यात्री अक्सर समय की कमी या जल्दबाजी का बहाना बनाकर बिना टिकट या मासिक सीजन टिकट (MST) को रीन्यू कराए बिना ही ट्रेनों में चढ़ जाते थे।

रेलवे ने साफ कर दिया है कि एमएसटी (MST) धारकों को भी अपनी समय अवधि समाप्त होने से पहले उसे अनिवार्य रूप से रीन्यू कराना होगा। यदि किसी एमएसटी की वैधता 1 दिन भी समाप्त हो चुकी है, तो उस यात्री को भी पूरी तरह बिना टिकट माना जाएगा और उससे भी 500 का पूरा जुर्माना वसूला जाएगा। इस कड़े नियम से अब दैनिक यात्रियों को भी अपनी यात्रा योजना और टिकट की वैधता को लेकर पूरी तरह अनुशासित होना पड़ेगा।

Published on:
20 Jun 2026 11:00 am