51 प्रतिशत बहू-बेटे करते हैं वृृद्धजनों के साथ बुरा व्यवहार
जयपुर। एक सर्वे में सामने आया है कि राज्य में बुजुर्गों से हमारा व्यवहार ठीक नहीं है। आधुनिक युग में बुजुर्गों का हाल बेहाल है। जबकि राज्य में सबसे ज्यादा जनसंख्या बुजुर्गों की ही है। वो ही सबसे न्यूनतम स्तर का जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। इसी वजह से राज्य में दिनोंदिन नए वृद्धाश्रम खोले जा रहे है। राज्य सरकार भी पांच सितारा वृद्धाश्रम बनाने तक की घोषणा कर चुकी है। अब यह कब पूरी होती है, यह तो सरकार ही जाने पर बुजुर्गों की बढ़ती जनसंख्या के साथ ही वृद्धाश्रम भी ज्यादा से ज्यादा खोले जाने की जरूरत महसूस होने लगी है। कारण युवाओं में बुजुर्गों के प्रति खराब व्यवहार है। जिसके चलते बुजुर्ग अपने ही घर से पलायन कर जाते हैं। उपेक्षित जीवन की बजाय वे अपने लिए अकेलापन चुनते हैं। ऐसे में वे वृद्धाश्रम का सहारा लेते हैं, जहां उन जैसे ही कितने लोग मिल जाते हैं जो एक—दूसरे का सहारा बनते हैं।
राजस्थान में हुआ है सर्वे
राजस्थान राज्य वरिष्ठ नागरिक बोर्ड जयपुर के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम नारायण गालव ने हेल्पेज इंडिया द्वारा किये गये सर्वे की रिर्पोट का विमोचन किया। इस अवसर पर गालव ने वृृद्धजनों के साथ होने वाले दुव्र्यवहार के प्रति अपनी संवेदना जताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निरन्तर प्रयास करने तथा वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सामाजिक जन चेतना बढ़ाने की जरूरत है। उन्हाेंने वृृद्धजन दुव्र्यवहार निवारण के लिए टोल फ्री वरिष्ठ नागरिक हेल्पलाइन नम्बर 1800-180-1253 का व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने पर जोर दिया।
70 प्रतिशत को कहा जाता है बुरा—भला
इस अवसर पर हेल्पेज इंडिया के राज्य प्रभारी श्री निलेश नलवाया ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार 51 प्रतिशत से अधिक बेटे-बहू अपने परिवार के वृृद्वजनों के साथ दुव्र्यवहार करते हैं तथा 70 प्रतिशत से अधिक वृृद्धजन मौखिक दुव्र्यवहार के शिकार होते है। इस अवसर पर बोर्ड के सचिव ओमप्रकाश, उपनिदेशक अश्विनी कुमार व हेल्पेज इंडिया से वंदना चौधरी, विष्णु भारद्वाज, रविशंकर व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे।