कारखाने-फैक्ट्रियां बंद होने से पैदा हुए ये हालात चिह्नित 6200 मजदूरों को प्रशासन पहुंचा रहा प्रदेश की सीमा तक
चिह्नित 6200 मजदूरों को प्रशासन पहुंचा रहा प्रदेश की सीमा तक
बाड़मेर पत्रिका. कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे से बचने के लिए लागू लॉकडाउन के चलते जिले में रीको, निजी कंपनी यार्ड व औद्योगिक फैक्ट्रियां सहित बड़े उद्योग बंद होने से बाड़मेर जिले में करीब एक लाख मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। यह ऐसे लोग है जिन्हें प्रतिदिन कमाकर गुजारा चलाना होता है। ऐसे लोगों ने प्रशासन से उन्हें अपने घर पहुंचाने के लिए गुहार लगाई। इसके बाद बाड़मेर की कंपनियों में काम रहे बाहरी मजदूरों को प्रशासन राजस्थान की सीमा तक पहुंचाएगा। इसके लिए रोडवेज सहित निजी बसों से उन्हें पहुंचाने का इंतजाम किया गया है।
जिला प्रशासन ने रोडवेज बस के साथ-साथ जिला परिवहन अधिकारी से निजी बसों की व्यवस्था करवाने के लिए जिम्मा सौंपा है। अब रोडवेज के साथ-साथ निजी बसें भी मजदूरों को पहुंचाने में मदद करेगी। ऐसी स्थिति में जल्द ही बाहरी श्रमिकों को बॉर्डर तक पहुंचा दिया जाएगा।
बाड़मेर जिला प्रशासन की ओर से तय की गई बसें गुजरात, मध्यप्रदेश, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेश की सीमा तक जाएगी। जहां पर पहुंचे बाड़मेर सहित अन्य जिले के प्रवासियों को भी आते वक्त लेकर आएगी।
डूंगरपुर. कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए रविवार देर शाम को केंद्र सरकार के आदेश पर कलक्टर कानाराम ने रतनपुर बॉर्डर को सील करने के आदेश जारी किए।
इसके साथ ही बॉर्डर को अब पूरी तरह से सील कर दिया गया है। हालांकि इसके दो दिन पहले भी सील किया था, तब बड़ी संख्या में लोग गुजरात सीमा से राजस्थान की सीमा में प्रवेश के लिए मौजूद थे। ऐसे में कथित राजनीतिक दबाव के चलते आवाजाहीं शुरू कराई थी। वहीं रविवार को केंद्र सरकार ने फिर से आदेश जारी किए। इस पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। कलक्टर ने बताया कि संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए यह जरूरी था।