जयपुर

OPD Timing Change: ओपीडी अब सुबह-शाम दो शिफ्ट में, 1 अप्रैल से नई व्यवस्था

दो पारी में ओपीडी चलाने के आदेश पर चिकित्सकों का विरोध शुरू। पहले एकल पारी में चलती थी ओपीडी, 2017 की व्यवस्था बदलने पर उठे सवाल।
less than 1 minute read
• •
Updated: 6 Mar 2026, 12:22 PM IST
Feature image
Photo AI

Rajasthan Health Department: जयपुर। राज्य के सभी शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब ओपीडी दो शिफ्ट में संचालित की जाएगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। नए आदेश के अनुसार 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक ओपीडी सुबह 8 से 12 बजे तक और शाम 5 से 7 बजे तक चलेगी। वहीं 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक ओपीडी का समय सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक और शाम 4 से 6 बजे तक निर्धारित किया गया है। विभाग का कहना है कि इससे मरीजों को सुबह और शाम दोनों समय चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

चिकित्सकों ने दो पारी व्यवस्था का किया विरोध

ओपीडी को दो शिफ्ट में चलाने के निर्णय का चिकित्सकों ने विरोध शुरू कर दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि पहले यह व्यवस्था एक ही पारी में संचालित होती थी, जिससे मरीजों और चिकित्सकों दोनों को सुविधा रहती थी। अब नई व्यवस्था लागू होने से चिकित्सकों की कार्यप्रणाली प्रभावित होगी और उन्हें अधिक समय तक ड्यूटी करनी पड़ेगी।

पहले एकल पारी में चलती थी ओपीडी

अब तक शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ओपीडी 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक और 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक लगातार चलती थी। रविवार और राजपत्रित अवकाश के दिन ओपीडी सुबह 9 से 11 बजे तक संचालित होती थी। अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. दुर्गाशंकर सैनी ने बताया कि वर्ष 2017 में तत्कालीन सरकार के समय किए गए परीक्षण में पाया गया था कि दो पारी व्यवस्था से मरीजों को परेशानी होती है, इसलिए एकल पारी की व्यवस्था लागू की गई थी।

Updated on:
6 Mar 2026, 12:22 PM IST
Published on:
Also Read
View All
पाकिस्तानी जासूसी केस में बड़ा अपडेट, सुप्रीम कोर्ट ने पलटा राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश, झबरा राम की जमानत रद्द

DA Hike: इंतजार खत्म, राजस्थान के कर्मचारियों को जल्द मिलेगी डीए बढ़ने की खुशखबरी, इस बार 3 प्रतिशत डीए बढ़ने की पूरी उम्मीद

राजस्थान: बिल्डिंग बायलॉज में फिर बदलाव की तैयारी, भू-खंड से पार्किंग तक के नियम बदलेंगे

विला बेचने वालों को राहत से घिरा शिखर परिवार, 7 माह बाद खुलासे से उठे सवाल; ब्यूरोक्रेसी से लेकर सियासी गलियारों में चर्चा

20 करोड़ जमा, 6 करोड़ ब्याज मिला, खर्च सिर्फ 1 करोड़! ‘जागो ग्राहक जागो’ के नाम पर 9 साल तक क्या करती रही राजस्थान सरकार?